रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारी संघ ने आज राजधानी रायपुर में प्रदेश के सभी माननीय विधायकों को जनभावनाओं से जुड़ा मांग-पत्र सौंपा। इसमें पिछले दो दशकों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में संविदा आधार पर कार्यरत अनुभवी कर्मियों के नियमितीकरण, ग्रेड पे निर्धारण, 27% वेतन वृद्धि, स्थानांतरण नीति सहित 10 सूत्रीय मांगों पर त्वरित नीतिगत निर्णय की अपेक्षा की गई है। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने विधायकों को स्मरण कराया कि चुनावों के समय “समर्पित कर्मियों को न्याय” और “मोदी की गारंटी – संविदा को सम्मान” जैसे वादे किए गए थे, जिन्हें अब निभाने का समय आ गया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने कहा कि एनएचएम कर्मियों ने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में अपनी जान की परवाह किए बिना सेवा दी। अब समय आ गया है कि सरकार उनकी वर्षों की तपस्या का प्रतिफल दे।संघ के प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने चेताया कियह आंदोलन चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ेगा। यदि सरकार ने चुप्पी नहीं तोड़ी, तो पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो यह आंदोलन अविराम और व्यापक रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।