दुर्ग । छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन प्रांताध्यक्ष (अधिकारी -कर्मचारी प्रकोष्ठ ), छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष -दुर्ग एवं मीडिया प्रभारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेसन -दुर्ग भानु प्रताप यादव ने बताया कि गोवर्धन पूजा हिंदुओं की आस्था का प्रमुख पर्व है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व दीपावली के दूसरे दिन आता है और धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के कोप से बचाया था। भानु प्रताप यादव ने कहा कि पूर्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस पर्व पर अवकाश घोषित किया जाता रहा है, जिससे लोगों को धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलता है। किंतु पिछले कुछ वर्षों से यह अवकाश निरंतरता में घोषित नहीं हो रहा है। ऐसे में लाखों श्रद्धालु एवं सरकारी कर्मचारी अपनी धार्मिक भावनाओं को लेकर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं।*
छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने अपनी मांग रखते हुए कहा है कि दीपावली पर तो सरकार अवकाश घोषित करती ही है, लेकिन दूसरा दिन यानी गोवर्धन पूजा भी जनमानस के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक इस दिन विशेष पूजा-पाठ, अन्नकूट महोत्सव, गोवंश की पूजा तथा सामूहिक कार्यक्रम होते हैं। ऐसे आयोजनों में भाग लेने के लिए सरकारी अवकाश का होना आवश्यक है। ज्ञापन में कहा गया है कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से यह दिन छत्तीसगढ़ की परंपराओं और लोक आस्था से गहराई से जुड़ा है। प्रदेश की बड़ी आबादी इस दिन विशेष आयोजन करती है। अवकाश न होने के कारण कर्मचारी व अधिकारी वर्ग अपने परिवार और समाज के साथ इस त्योहार को ठीक से नहीं मना पाते।
भानु प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि संगठन की यह मांग किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं को सम्मान देने के लिए है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस दिन सामान्य अवकाश घोषित करती है, तो यह एक सकारात्मक कदम होगा और इससे प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता और मजबूत होगी।