दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने शासकीय सेवक की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि (अनुदान) का पुनरीक्षण करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के नाम कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में प्रदेश के शासकीय सेवकों की मृत्यु होने पर परिजनों को वेतनमान के आधार पर अधिकतम 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है। जबकि मध्यप्रदेश शासन ने वित्त विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश दिनांक 3 अप्रैल 2025 के तहत यह राशि बढ़ाकर मृतक कर्मचारी के वेतन के छह गुना, अधिकतम 1 लाख 25 हजार रुपये कर दी है।
संघ का कहना है कि छत्तीसगढ़ का गठन वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश से पृथक होकर हुआ है और अब तक मध्यप्रदेश शासन द्वारा शासकीय सेवकों के हित में लिए गए कई निर्णय छत्तीसगढ़ में भी लागू होते रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा 61 के आधार पर छत्तीसगढ़ शासन को भी उक्त आदेश लागू कर कर्मचारियों के परिवारजनों को मृत्यु की स्थिति में 1 लाख 25 हजार रुपये तक अनुग्रह अनुदान स्वीकृत करना चाहिए। संघ ने मांग की है कि कर्मचारियों के हित में राज्य शासन शीघ्र आदेश जारी करे।