रायपुर। छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव साफ नजर आया। इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार, राज्योत्सव मैदान में डेढ़ लाख से अधिक लोग मौजूद थे, जबकि लगभग 30 हजार से ज्यादा लोग बाहरी सड़कों पर खड़े रहे। वहीं प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए रास्तों पर खड़े करीब 25 हजार लोग बाद में कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए। प्रशासन ने मात्र 1 लाख दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयारी की थी, जबकि भीड़ अंदाजों से कई गुना ज्यादा उमड़ पड़ी। मुख्य सभा स्थल पर केवल 18 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग खड़े रहकर कार्यक्रम देखते रहे। भीड़ प्रबंधन और एंट्री कंट्रोल में प्रशासन बुरी तरह पिछड़ता नजर आया।
◆ भीड़ के आगे प्रशासन बेबस, मीडिया भी फंसा
जबरदस्त भीड़ के चलते कार्यक्रम स्थल में प्रवेश धीमा रहा। पुलिस और प्रशासन लोगों को नियंत्रित करने में असमर्थ दिखे। हजारों लोगों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया। स्थिति यह रही कि मीडिया प्रतिनिधियों को भी अंदर-बाहर आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे कई जगह विवाद की स्थिति बन गई।
◆ PM ने धीमी कराई गाड़ी, 12 मंचों पर दी कलाकारों को दाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय समय पर रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सत्य साईं अस्पताल के लिए रवाना हुए। स्वागत मार्ग पर 12 मंच तैयार किए गए थे, जहां सांस्कृतिक दल प्रस्तुति दे रहे थे। पीएम ने कलाकारों के सम्मान में अपना काफिला लगभग 10 मिनट धीमा कराया, मंचों की ओर हाथ हिलाकर अभिनंदन किया और सड़क किनारे खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर में 52 किलोमीटर का सफर तय किया।
◆ ट्रैफिक मैनेजमेंट चुनौती, फिर भी जाम से राहत
नवा रायपुर और पुराने रायपुर के बीच ट्रैफिक व्यवस्था पुलिस के लिए बड़ी परीक्षा थी। इसके लिए 5 दिन पहले से ट्रैफिक प्लानिंग की गई थी। मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों को राज्योत्सव स्थल तक पहुंचाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। पीएम के कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी रूट से फोर्स हटाकर तुरंत राज्योत्सव मैदान और एयरपोर्ट पर तैनात किया गया। हालांकि भीड़ अभूतपूर्व थी, लेकिन बड़े जाम की स्थिति पैदा नहीं होने दी गई।
◆ बच्चों की स्मार्टवॉच जब्त, एसपीजी ने तोड़कर सील किया
सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बच्चों से मुलाकात के दौरान एक अनोखी घटना सामने आई। सुरक्षा में मौजूद एसपीजी कमांडो ने दो बच्चों की स्मार्टवॉच जब्त कर तोड़कर सील बॉक्स में रख दी। बच्चे बार-बार कहते रहे कि यह उनके पिता का गिफ्ट है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते डिवाइस वापस नहीं की गई।>गौरतलब है कि पीएम के आसपास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित रहते हैं।
◆ राज्य गीत की अनोखी गूंज: पहली बार स्टेशनों पर बजा “अरपा पैरी के धार”
1 नवंबर को छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर रेलवे ने ऐतिहासिक पहल की। प्रदेश के सभी रेलवे स्टेशनों पर पहली बार राज्य गीत “अरपा पैरी के धार” बजाया गया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों के चेहरे पर गर्व और खुशी झलक उठी।>राज्योत्सव में रेलवे ने 1 से 5 नवंबर तक रेल परियोजनाओं की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह पहला मौका है जब रेलवे ने राज्योत्सव में हिस्सा लेते हुए प्रदर्शनी प्रस्तुत की है।
छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर यह राज्योत्सव कई मायनों में ऐतिहासिक रहा—रिकॉर्ड तोड़ भीड़, हाई प्रोफाइल विज़िट, सुरक्षा और व्यवस्था की चुनौतियां, और पहली बार प्रदेश के हर स्टेशन पर गूंजा राज्य गीत।