छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के 25 साल: पहली बार रायपुर में 5 नवम्बर को भारतीय वायुसेना का एयर शो, 8 हजार फीट से पैरा जंप और सूर्यकिरण टीम करेगी रोमांचक प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के 25 साल: पहली बार रायपुर में 5 नवम्बर को भारतीय वायुसेना का एयर शो, 8 हजार फीट से पैरा जंप और सूर्यकिरण टीम करेगी रोमांचक प्रदर्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस एवं राज्योत्सव की रजत जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में पहली बार भारतीय वायुसेना का भव्य एयर शो आयोजित होगा। रायपुर के सेंध तालाब के ऊपर भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम और आकाशगंगा पैरा जम्पर्स अद्भुत करतब दिखाएंगे। एयरफोर्स के स्पेशल कमांडो लगभग 8 हजार फीट की ऊंचाई से फ्री-फॉल पैरा जंप करते हुए रायपुर की धरती पर उतरेंगे, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
4 नवंबर को रिहर्सल, 5 नवंबर को आसमान में दिखेगा जश्न
रविवार को पैराट्रूपर ट्रेनिंग स्कूल का एक प्रशिक्षक रायपुर पहुंचा और जंप ज़ोन का स्थल निरीक्षण किया। पैरा जंपिंग के लिए लैंडिंग स्पॉट चिन्हित कर अनुमोदन दिया गया। प्रशिक्षक के अनुसार, लगभग 8 पैरा-ट्रूपर की विशेष टीम जल्द ही रायपुर पहुंचेगी।वायुसेना की टीम 4 नवंबर को रिहर्सल करेगी, जबकि 5 नवंबर को मुख्य शो मेंबॉम्ब बर्स्ट,हार्ट-इन-द-स्काई,एरोहेड जैसे हाई-इंटेंसिटी फॉर्मेशन आसमान में देशभक्ति का रोमांच भरेंगे। समारोह की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गौरव सिंह और एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने स्थल का निरीक्षण किया।

दो तरह की पैरा जंप – इसमें रायपुर में होगी सबसे कठिन जंप
भारतीय वायुसेना और विशेष बलों में दो प्रमुख प्रकार की पैरा जंपिंग होती है,जंप का प्रकार ऊंचाई विशेषता स्टैटिक लाइन जंप800–1200 फीटपैराशूट स्वत: खुल जाता है, सैनिक तेजी से सुरक्षित उतारे जाते हैं फ्री-फॉल जंप10,000 फीट से अधिक (कई बार 30,000 फीट तक)सैनिक बिना पैराशूट खोले लंबी दूरी तक गिरते हैं, ◆ गोपनीय ऑपरेशन और विशेष मिशनों में उपयोग
रायपुर में जवान फ्री-फॉल जंप करेंगे, जो सबसे एडवांस और जोखिमपूर्ण पैरा-जंपिंग तकनीक मानी जाती है। यह तकनीक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विकसित हुई और वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका की CIA और स्पेशल फोर्सेज ने इसका उपयोग किया। बाद में रूस, ब्रिटेन और अन्य देशों की स्पेशल फोर्सेज ने इसे अपनाया।
9 जेट्स 40 मिनट तक भरेंगे गर्व की उड़ान
5 नवंबर को सुबह 10 बजे, वायुसेना की सूर्यकिरण टीम के 9 हॉक जेट एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे। करीब 40 मिनट तक चलने वाले इस शो में फॉर्मेशन फ्लाइंग, स्पिन, रोल, लूप और हाई-जी स्टंट्स देखने को मिलेंगे। कार्यक्रम के दौरान लाखों दर्शकों के पहुंचने की संभावना के चलते प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और दर्शक प्रबंधन के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर ‘गर्व की उड़ान’
राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनकर उभरेगा। पहली बार रायपुर के आसमान में वायुसेना की इतनी भव्य प्रस्तुति देखने को मिलेगी, जो राज्य के इतिहास में एक यादगार क्षण होगा।

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