ग्रामीण क्षेत्र में कौशल व उद्यमिता प्रशिक्षण का नया अध्याय, जामगांव आर बना पहला महाविद्यालय

जामगांव आर। ग्रामीण क्षेत्र में कौशल एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण संचालित करने वाला पहला महाविद्यालय बनने का गौरव शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय जामगांव आर को प्राप्त हुआ है। महाविद्यालय में एक सप्ताह तक चले “स्वावलंबन” कौशल उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन उत्साह, आत्मविश्वास और भविष्य की योजनाओं के साथ संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आर-से-टी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान दुर्ग एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से आयोजित किया गया था। समापन अवसर पर विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण छात्राओं में आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कई छात्राओं ने स्वयं आगे आकर अपना व्यवसाय प्रारंभ करने का संकल्प भी प्रस्तुत किया, जो कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
इस सफल आयोजन के पीछे महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल की दूरदृष्टि एवं जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री नरेश केला का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली छात्राओं को आर-से-टी के संचालक श्री गुलशन सिंह द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में सफल उद्यमी बनने हेतु प्रेरित करते हुए उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद—साबुन, कैंडल, डिशवॉशर, अगरबत्ती, हार्पिक आदि—के विक्रय हेतु हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को उनके उत्पादों के विक्रय हेतु एक स्थायी मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे स्वयं अपने उत्पादों को बेच सकेंगे। प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल ने भी विभिन्न संस्थाओं से मार्केटिंग सहयोग दिलाने का आश्वासन देते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा निर्मित विशेषकर सजावटी कैंडल्स का विक्रय दीपावली, क्रिसमस जैसे प्रमुख पर्वों पर किया जाएगा। कार्यक्रम की संयोजक एवं उद्यमिता एवं प्लेसमेंट प्रभारी श्रीमती चेतना सोनी, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. आबिद हसन खान एवं आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. अरुणेंद्र तिवारी ने विद्यार्थियों में जागृत हुए आत्मविश्वास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर जारी रखने की बात कही।

प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को आगे चलकर मुद्रा ऋण के माध्यम से अपना स्वयं का उद्यम प्रारंभ करने का अवसर मिलेगा। साथ ही महाविद्यालय द्वारा शीघ्र ही अचार, पापड़, जैम-जेली निर्माण के नए बैच प्रारंभ किए जाने की जानकारी भी दी गई, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं के साथ-साथ आसपास की ग्रामीण महिलाएं भी लाभान्वित होंगी। यह संपूर्ण प्रशिक्षण निशुल्क है। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा आर-से-टी के संयोजक एवं संचालक को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन श्रीमती चेतना सोनी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *