दुर्ग में संविधान दिवस की 75वीं वर्षगांठ ! विधायक ललित चंद्राकर बोले -“देश की आत्मा संविधान में है — कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करना हम सभी का धर्म”

दुर्ग में संविधान दिवस की 75वीं वर्षगांठ ! विधायक ललित चंद्राकर बोले -“देश की आत्मा संविधान में है — कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करना हम सभी का धर्म”

दुर्ग, 26 नवंबर 2025। “हमारा संविधान–हमारा स्वाभिमान” के संदेश के साथ संविधान दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकार किए जाने की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर की उपस्थिति में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया और शपथ भी ली गई। कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, उपाध्यक्ष पवन शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग दुबे, उप संचालक पंचायत आकाश सोनी, सहित पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विधायक ललित चंद्राकर ने संबोधन में कहा कि “किसी भी देश की आत्मा उसके संविधान में निहित होती है।” उन्होंने संवैधानिक पदों पर कार्यरत सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संविधान की मर्यादा के अनुरूप कार्य करने, कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने और नागरिकों को दिए अधिकारों के सदुपयोग को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असल खूबसूरती समावेशिता में है, जहां मनुष्य ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों तक के अधिकारों का संरक्षण है।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि संविधान ने विषम परिस्थितियों में भी देश को एक सूत्र में बांधे रखा है। उन्होंने बताया कि लगभग 300 से अधिक सदस्यों की संविधान सभा ने तीन वर्षों की मेहनत से विश्व का सबसे बड़ा संविधान तैयार किया, जिसमें हर वर्ग और समुदाय का ध्यान रखा गया। कलेक्टर ने कहा कि संविधान संशोधन की व्यवस्था इसे समय के अनुरूप बनाए रखती है, लेकिन कोई भी कानून संविधान के विरुद्ध मान्य नहीं हो सकता। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में संविधान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएँ दीं। वहीं विधायक चंद्राकर ने जल संरक्षण कार्यों के लिए जिला प्रशासन को मिले प्रशस्ति पत्र पर बधाई दी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग दुबे ने संविधान की गौरवपूर्ण यात्रा, कर्तव्यों और अधिकारों के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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