रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ दौरे से पहले राज्य की सियासत में गर्मी बढ़ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ऐलान किया है कि 1 नवंबर को रायपुर में होने वाले प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम का कांग्रेस शांतिपूर्ण विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सीएम निवास और कार्यक्रम स्थल के बाहर काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन करेंगे। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध की तैयारी कर रहे थे, तब भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। यह घटना गृहमंत्री के गृह जिले कवर्धा में हुई, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई है।
“अगर राज्य सरकार इस मामले में कार्रवाई नहीं करती, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी,”
— दीपक बैज, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
कवर्धा में भिड़े युवक कांग्रेस और भाजयुमो
गुरुवार शाम कवर्धा में भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष राहुल टिकरिया के स्वागत कार्यक्रम के दौरान युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध किया। विरोध देखते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प और मारपीट शुरू हो गई। वीडियो में देखा गया कि दोनों दलों के कार्यकर्ता सड़क पर दौड़-दौड़कर एक-दूसरे पर हमला करते नजर आए। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थिति को काबू में करने में देरी हुई। युवक कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और भाजयुमो समर्थकों ने “खुली गुंडागर्दी” की।
पीएम मोदी का दौरा और तैयारियां
छत्तीसगढ़ के राज्य स्थापना दिवस (1 नवंबर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचेंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार रजत जयंती वर्ष का भव्य आयोजन कर रही है।।प्रधानमंत्री नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का शिलान्यास करेंगे, जो राज्य की संस्कृति और आधुनिक तकनीक का प्रतीक होगा। इसके अलावा नए पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय का उद्घाटन, तथा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणाएं भी होंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक अवसर है। प्रधानमंत्री राज्य को विकास की नई सौगात देंगे।”
विरोध के बीच बढ़ी सुरक्षा
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और कवर्धा की झड़पों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। रायपुर में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
राजनीतिक टकराव तेज
प्रधानमंत्री का यह दौरा भले ही गैर-चुनावी कार्यक्रम के तहत हो, लेकिन कांग्रेस के विरोध और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते टकराव ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया है। अब देखना यह होगा कि 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ में विकास और विरोध — दोनों की तस्वीर कैसी नजर आती है।