
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चल रहा आरोप-प्रत्यारोप मंगलवार को आमने-सामने की बहस में बदल गया। रायपुर प्रेस क्लब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एक ही मंच पर पहुंचे और पीएम आवास योजना को लेकर अपने-अपने आंकड़े और दावे पेश किए। vदोनों नेताओं ने पहले एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी। इसके बाद प्रेस क्लब में ओपन डिबेट आयोजित की गई। बहस के दौरान आवासों की स्वीकृति, पूर्णता, केंद्र से मिलने वाली राशि और पोर्टल बंद होने जैसे मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
विजय शर्मा बोले- ढाई साल में 16 हजार करोड़ खर्च
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि आमने-सामने की बहस से स्थिति अधिक स्पष्ट होती है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 17 लाख 75 हजार पीएम आवास पूर्ण किए जा चुके हैं और इसके आंकड़े भारत सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे ज्यादा पीएम आवास बनाए। विजय शर्मा के मुताबिक पिछली कांग्रेस सरकार के पांच साल के दौरान वित्तीय स्वीकृति करीब 3,900 करोड़ रुपए की थी और उस दौरान करीब 3 लाख आवास पूर्ण हुए। वहीं भाजपा सरकार ने ढाई साल में करीब 16 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
भूपेश बघेल बोले- हमने 6.97 लाख आवास स्वीकृत किए
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल के आंकड़े रखते हुए कहा कि 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 घर स्वीकृत हुए थे, जिनमें 1 लाख 39 हजार मकान पूर्ण हुए। 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 आवासों का लक्ष्य था और 1 लाख 22 हजार आवास पूरे हुए। बघेल ने कहा कि कोरोना काल में सरकारों के पास संसाधनों की कमी थी। उन्होंने दावा किया कि 2022-23 में पीएम आवास का पोर्टल बंद कर दिया गया था। कांग्रेस सरकार ने केंद्र से अपना पैसा मांगा और इसके लिए लगातार पत्राचार किया गया। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर प्रदेश में करीब 18 लाख आवास बाकी थे और कांग्रेस सरकार ने इनमें से 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए।
‘पोर्टल बंद था या नहीं’ पर भिड़े दोनों नेता
पोर्टल बंद होने के दावे पर विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को घेरा। उन्होंने कहा कि पीएम आवास का पोर्टल बंद नहीं था और कोरोना काल में भी राशि आ रही थी। उनके मुताबिक असली विवाद पोर्टल का नहीं, बल्कि तत्कालीन सरकार के रुख का था। विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि ‘प्रधानमंत्री आवास है तो प्रधानमंत्री ही जाने।’ इस पर बघेल ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार ने प्रदेश को राशि जारी नहीं की थी और पोर्टल भी बंद था। उन्होंने कहा कि सही क्या है, यह पत्रकार खुद जांचकर तय कर सकते हैं कि कौन सच बोल रहा है।
टीएस सिंहदेव के इस्तीफे का भी उठा मुद्दा
बहस के दौरान विजय शर्मा ने तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव के पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिंहदेव ने राशि नहीं मिलने की वजह से पीएम आवास नहीं बन पाने की बात कही थी और इसी मुद्दे पर इस्तीफा देने की बात सामने आई थी। विजय शर्मा ने कहा कि पोर्टल बंद होने की बात सही नहीं है। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा— “ग्रोक से पूछिए, सच बताएगा।”
2023 से 2024 के बीच 18 लाख आवास स्वीकृति का दावा
भूपेश बघेल ने कहा कि 25 सितंबर 2023 से दिसंबर 2024 के बीच 18 लाख मकान स्वीकृत किए गए। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में अलग-अलग वर्षों के आंकड़े सामने रखे और कहा कि उनकी सरकार ने पात्र हितग्राहियों के आवास के लिए लगातार प्रयास किया। पीएम आवास योजना पर हुई इस बहस ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच योजना के क्रियान्वयन, केंद्र से मिलने वाली राशि और आवासों की संख्या को लेकर चल रहे विवाद को सामने ला दिया है। दोनों नेताओं ने अपने-अपने आंकड़ों के आधार पर सरकारों के प्रदर्शन को सही ठहराया।