रायपुर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘लंगड़े घोड़े’ वाले बयान ने छत्तीसगढ़ की सियासत में आग लगा दी है। बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त जुबानी जंग छिड़ गई है। एक ओर जहां भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को उनकी राजनीतिक कमजोरी का प्रतीक बताया, वहीं कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर तीखा पलटवार करते हुए बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया।
चंद्राकर बोले– राहुल का राजनीतिक कद ‘लंगड़े घोड़े’ जैसा
भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राहुल गांधी का राजनीतिक प्रदर्शन लंगड़े घोड़े जैसा है। छत्तीसगढ़ के कई कांग्रेस नेता बीमार घोड़े की तरह हैं, जिन्हें अंबानी के वन्यजीव संरक्षण केंद्र वनतारा में भेज देना चाहिए।”
दीपक बैज का तीखा पलटवार: भाजपा नेता गधे
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने चंद्राकर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “कांग्रेस नेता रेस के घोड़े हैं, जबकि भाजपा के तमाम नेता गधों की तरह हैं। भाजपा के पास न सोच है, न विजन, इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं।”
सेना पर बयान से और भड़की भाजपा: किरण सिंह देव का हमला
राहुल गांधी के प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिका के इशारे पर सरेंडर करने संबंधी टिप्पणी पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सवाल उठाकर भारतीय सेना का घोर अपमान किया है। जिस बात को पाकिस्तान की सेना और आतंकी भी कहने से डरते हैं, वही राहुल गांधी खुलेआम कह रहे हैं। इससे साबित होता है कि वह पाक पोषित सोच के प्रतिनिधि बन चुके हैं।”
राजनीति में गिरता स्तर: जनता कर रही है सवाल
राहुल गांधी के बयान पर शुरू हुई जुबानी जंग अब व्यक्तिगत कटाक्षों तक पहुंच चुकी है। बयानबाजी का स्तर देखकर आम जनता और राजनीतिक विश्लेषक भी चिंतित हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह के संवाद लोकतंत्र के लिए स्वस्थ नहीं हैं और इससे राजनीतिक विमर्श की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।