सुशासन तिहार में बवाल: भाजपा कार्यकर्ता से भिड़े जनपद CEO, बोले- ‘जो करना है कर लो’; सामने खड़े रहे विधायक ललित चंद्राकर

सुशासन तिहार में बवाल: भाजपा कार्यकर्ता से भिड़े जनपद CEO, बोले- ‘जो करना है कर लो’; सामने खड़े रहे विधायक ललित चंद्राकर

दुर्ग ! जिले के थनौद गांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब एक शिकायत के निराकरण को लेकर भाजपा कार्यकर्ता और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यक्रम स्थल पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और उनके त्वरित निराकरण के लिए शिविर लगाया गया था। इसी दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा। शिकायत के समाधान को लेकर जनपद CEO और कार्यकर्ता के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई।

बहस के दौरान बिगड़ा माहौल

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बहस के दौरान जनपद CEO काफी आक्रोशित नजर आते हैं। वीडियो में वे भाजपा कार्यकर्ता की ओर उंगली दिखाते हुए कहते दिखाई दे रहे हैं, “तुम्हें जो करना है कर लो।” इसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही और कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

विधायक की मौजूदगी पर उठे सवाल

घटना के दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर भी मौके पर मौजूद थे। वायरल वीडियो में विधायक आवेदन पत्र देखते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि उनके सामने ही अधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता के बीच विवाद चलता रहा। वीडियो में विधायक द्वारा किसी प्रकार का हस्तक्षेप या बीच-बचाव करते हुए नहीं देखा गया। इसी को लेकर अब सोशल मीडिया पर विधायक की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें विवाद को शांत कराने की पहल करनी चाहिए थी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग अधिकारी के व्यवहार को अनुचित बताते हुए प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, घटना को लेकर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, वायरल वीडियो के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समाधान और प्रशासन को जनता के करीब लाना है, लेकिन थनौद में हुई इस घटना ने कार्यक्रम की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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