रायगढ़। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित सिंघीतराई के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है, जबकि 36 श्रमिक झुलस गए हैं। हादसे के बाद बुधवार को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 7 और जिला अस्पताल में 5 शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। वहीं 5 मृतकों के परिजन नहीं पहुंच पाने के कारण उनके शवों का पोस्टमॉर्टम गुरुवार को किया जाएगा। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में 4 छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि अन्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हैं। घटना के बाद मृतकों के परिजनों को पोस्टमॉर्टम के लिए भटकना पड़ा, जिससे अव्यवस्थाओं पर सवाल उठे हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन गुरुवार को रायगढ़ पहुंचकर घायलों से मुलाकात करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक लेकर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे। उन्होंने हादसे की जांच के निर्देश देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घायलों का इलाज रायगढ़ और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल, रायगढ़ में तीन मजदूरों का उपचार चल रहा है, जबकि दो गंभीर घायलों का इलाज रायपुर के निजी अस्पताल में किया जा रहा है। हादसा बुधवार दोपहर करीब 2 बजे प्लांट के बॉयलर में हुए विस्फोट के कारण हुआ, जिसमें शुरुआती तौर पर 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मशीनरी को भी भारी नुकसान पहुंचा।
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुआवजे की राशि बढ़ाकर मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए देने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे की जांच जारी है और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।