YC न्यूज़ डेस्क । संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है, जिसके हंगामेदार रहने की संभावना है। इस चरण में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध, रूस से तेल खरीद पर अमेरिका की छूट और पश्चिम बंगाल से जुड़े मुद्दों को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे। वे सुबह 11 बजे राज्यसभा और दोपहर 12 बजे लोकसभा में अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय हालात पर सरकार का पक्ष रखेंगे। विपक्ष ने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की है।
स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष पहले ही नोटिस दे चुका है। कांग्रेस समेत विपक्ष के 118 सांसदों ने 10 फरवरी को लोकसभा सचिवालय में इस संबंध में हस्ताक्षरित नोटिस सौंपा था। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं और विपक्ष को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत लोकसभा साधारण बहुमत से प्रस्ताव पारित कर स्पीकर को पद से हटा सकती है। इसके लिए कम से कम 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी होता है। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्पीकर स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं करते, बल्कि डिप्टी स्पीकर या अन्य सदस्य कार्यवाही संचालित करते हैं। हालांकि मौजूदा लोकसभा में एनडीए के पास बहुमत होने के कारण प्रस्ताव पारित होना मुश्किल माना जा रहा है।
TMC भी विपक्ष के साथ
तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक सांसदों ने विपक्ष के प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष के निर्देश के अनुसार टीएमसी सांसद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ वोट कर सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों को 9 और 10 मार्च को सदन में मौजूद रहने के लिए तीन-लाइन व्हिप भी जारी किया है।
मिडिल ईस्ट संकट पर बहस की मांग
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पश्चिम एशिया के हालात पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की है। उनका कहना है कि मंत्री के बयान से अधिक जरूरी यह है कि सांसदों को सवाल पूछने और स्पष्टीकरण मांगने का अवसर मिले। उन्होंने 2003 में अमेरिका के इराक पर हमले को लेकर संसद में हुई बहस का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई थी।
पहले चरण में भी हुआ था हंगामा
बजट सत्र के पहले चरण में भी कई मुद्दों को लेकर संसद में लगातार हंगामा हुआ था। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण, चीनी घुसपैठ, अडाणी मामले और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा को लेकर कई बार कार्यवाही बाधित हुई। कई मौकों पर लोकसभा की कार्यवाही कुछ मिनटों में ही स्थगित करनी पड़ी थी। ऐसे में बजट सत्र के दूसरे चरण में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष जहां स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार भी सदन में अपना पक्ष मजबूती से रखने की रणनीति बना रही है।