रायपुर (विशेष संवाददाता )-छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की परतें अब खुलने लगी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताज़ा चार्जशीट में कई बड़े खुलासे किए गए हैं। ईडी के अनुसार, शराब बिक्री के नाम पर करीब 1500 करोड़ रुपये पार्टी फंड में जमा किए गए, जबकि बड़े कांग्रेस नेताओं को हर महीने करीब 20 करोड़ रुपये की सीधी राशि दी जाती थी। यह पैसा नकद और हवाला दोनों माध्यमों से पहुंचाया जाता था।
घोटाले की संरचना: नकली होलोग्राम, कमीशन और फर्जी कंपनियों का नेटवर्क-
ईडी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घोटाले में शराब की बोतलों पर नकली (डुप्लीकेट) होलोग्राम लगाकर बाजार में अवैध शराब बेची जाती थी। इसके लिए राज्य के 15 ज़िलों को चुना गया था जहाँ अवैध शराब की खपत और आपूर्ति होती थी। शराब फैक्ट्रियों से सीधे इन ज़िलों में शराब भेजी जाती, और दुकानों पर नकली होलोग्राम लगाकर उसे बेच दिया जाता। डिस्टिलरी मालिकों से प्रति पेटी ₹600 तक का कमीशन वसूला जाता था। इसके अलावा शराब के थोक और फुटकर कारोबारियों से अतिरिक्त वसूली की जाती थी।
पत्नी और परिजनों के नाम से खोली गईं फर्जी कंपनियाँ-
रिपोर्ट में उल्लेख है कि इस घोटाले के दौरान नेताओं और अधिकारियों ने अपनी पत्नियों और परिजनों के नाम से फर्जी कंपनियाँ खोलीं, जिनके माध्यम से घोटाले के पैसे को वैध रूप देने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी ने पाया है कि इन कंपनियों का कोई असली कारोबार नहीं था, बल्कि यह सिर्फ मनी लॉन्ड्रिंग के लिए बनाई गई थीं।
हवाला के ज़रिए पैसा बाहर भेजा गया-
ईडी ने बताया कि शराब घोटाले से कमाया गया पैसा हवाला के ज़रिए देश के अन्य राज्यों और विदेशों तक भेजा गया। दिल्ली, मुंबई, दुबई और सिंगापुर जैसे स्थानों पर इन पैसों को रियल एस्टेट और गोल्ड व्यापार में निवेश किया गया।
कमिशन के लिए बोतल सप्लाई बढ़ाई गई-
घोटाले का एक बड़ा पहलू यह भी था कि कमीशन के लालच में शराब की बोतलों की सप्लाई को बढ़ाया गया। वर्ष 2019 से शुरू हुए इस भ्रष्टाचार में हर महीने लगभग 800 पेटी शराब से शुरुआत हुई, जो धीरे-धीरे बढ़कर 2800 पेटी प्रतिदिन तक पहुँच गई। अनुमान के अनुसार, साल भर में लगभग 3880 करोड़ रुपये की अवैध शराब की बिक्री हुई।
निष्कर्ष:- छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को लेकर ईडी की चार्जशीट ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। पार्टी फंडिंग से लेकर व्यक्तिगत लाभ, हवाला ट्रांजेक्शन, और नकली होलोग्राम तक—इस पूरे रैकेट का दायरा बेहद बड़ा और गहराई से जुड़ा हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।