
YC न्यूज डेस्क | रायपुर-CGPSC की सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के प्रीलिम्स परिणाम में ‘NEWS’, ‘HE RAM’ और ‘SPACE RANI’ जैसे नाम सामने आने के बाद शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने शनिवार को रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पर सोशल मीडिया के जरिए भ्रम फैलाने और युवाओं की मेहनत पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संबंधित अभ्यर्थियों के वीडियो और दस्तावेज मीडिया के सामने प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने बिना तथ्य जांचे भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाकर मेहनती अभ्यर्थियों का मनोबल गिराया है।
क्या है पूरा विवाद
CGPSC द्वारा जारी SI और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा की मेरिट सूची में ‘NEWS’ और ‘SPACE RANI’ नाम दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर इन नामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। कई लोगों ने इसे फर्जीवाड़े से जोड़ते हुए भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने पर रायगढ़ के एक युवक ने वीडियो जारी कर बताया कि उसका वास्तविक नाम न्यूज़ कुमार प्रधान है। उसके अनुसार, 10वीं की अंकसूची में तकनीकी त्रुटि के कारण उसका सरनेम दर्ज नहीं हो पाया था, जिसके बाद कई दस्तावेजों में उसका नाम केवल ‘News’ के रूप में दर्ज होता चला गया। इसी तरह ‘HE RAM’ और ‘TUFAIL’ नाम के अभ्यर्थियों ने भी वीडियो जारी कर अपने नाम सही और वैध होने की बात कही।
कांग्रेस के बयान से बढ़ा विवाद
परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया मंच X पर तंज कसते हुए लिखा था कि ‘दोनों को सांय-सांय बधाई’, और इसे राज्य सरकार की ‘अभूतपूर्व उपलब्धि’ बताया था। इस टिप्पणी के बाद विवाद और गहरा गया।
CGPSC ने दी सफाई
मामले में बढ़ती चर्चा के बीच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने भी स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि चयन सूची में दर्ज नाम वही हैं जो अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र में अपने वैध दस्तावेजों के आधार पर दर्ज किए थे और पूरी भर्ती प्रक्रिया उन्हीं अभिलेखों के आधार पर संचालित की गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए वीडियो
राहुल टिकरिहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यूज़ कुमार प्रधान का वीडियो चलाया, जिसमें उन्होंने अपने दस्तावेजों की जानकारी दी। टिकरिहा ने दावा किया कि आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में उनका पूरा नाम दर्ज है तथा केवल 10वीं की अंकसूची में तकनीकी त्रुटि के कारण नाम अधूरा दिखाई देता है। इसी तरह हे राम, पिता दाताराम का वीडियो भी मीडिया को दिखाया गया। वीडियो में अभ्यर्थी ने कहा कि उसने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा उत्तीर्ण की है और नाम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं से माफी की मांग
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसी अभ्यर्थी के नाम का मजाक उड़ाने या उसे संदिग्ध बताने से पहले उसके दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने भूपेश बघेल और दीपक बैज से युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। टिकरिहा ने कहा, “कांग्रेस ने बिना तथ्य युवाओं की मेहनत पर सवाल उठाए। जिन अभ्यर्थियों ने कठिन प्रतियोगी परीक्षा पास की है, उनके नामों को लेकर राजनीतिक व्यंग्य करना उचित नहीं है।”
पिछली कांग्रेस सरकार पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान राहुल टिकरिहा ने पिछली कांग्रेस सरकार की CGPSC भर्ती प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने 2023 के CGPSC परिणाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय शीर्ष स्थानों पर अधिकारियों और नेताओं के रिश्तेदारों का चयन हुआ था। हालांकि उन्होंने इस संबंध में विस्तृत दस्तावेज अलग से प्रस्तुत करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान SI भर्ती प्रक्रिया पांच वर्षों तक लंबित रही, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार ने लंबित भर्ती को आगे बढ़ाकर 971 पदों पर प्रक्रिया पूरी की है। उनके अनुसार, वर्तमान में ASI और SI के 341 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
सियासी बहस जारी
CGPSC के SI परिणाम में सामने आए असामान्य नामों को लेकर शुरू हुई चर्चा अब भर्ती प्रक्रिया से आगे बढ़कर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गई है। जहां कांग्रेस भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजयुमो का कहना है कि वैध दस्तावेजों वाले अभ्यर्थियों के नामों को लेकर भ्रम फैलाकर युवाओं का अपमान किया गया है।