SIR सर्वे पर भूपेश का तीखा तंज: “अब सांप नहीं, केंचुआ काट रहा”, BLO मौतों व नाम काटने की साजिश का लगाया आरोप

SIR सर्वे पर भूपेश का तीखा तंज: “अब सांप नहीं, केंचुआ काट रहा”, BLO मौतों व नाम काटने की साजिश का लगाया आरोप

रायपुर | एसआईआर (SIR – वोटर सूची सत्यापन सर्वे) को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला है। दैनिक भास्कर से बातचीत में बघेल ने बेहद व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा—”अब तक हम सुनते आए थे कि सांप के काटने से मौत होती है, लेकिन अब केंचुआ के काटने से भी मौत हो रही है।”बघेल ने आरोप लगाया कि फॉर्म अपलोडिंग सिस्टम बेहद धीमा है और सर्वर तकनीकी रूप से अस्थिर है, जिससे बीएलओ (BLO – बूथ लेवल ऑफिसर) दबाव और मानसिक तनाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक घंटे में केवल 2–3 फॉर्म ही अपलोड हो पा रहे हैं और एक-एक फॉर्म अपलोड करने में लंबा समय लग रहा है। “बीएलओ बहुत मुश्किल से फॉर्म इकट्ठा कर पा रहे हैं। उनके खिलाफ शिकायतें भी आ रही हैं। बीजेपी के गुंडे धमका रहे हैं और सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा,” बघेल ने गंभीर आरोप लगाए।
“केंचुआ” का मतलब—केंद्रीय चुनाव आयोग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक महीने की समय-सीमा और “केंचुआ” यानी केंद्रीय चुनाव आयोग के दबाव की वजह से बीएलओ पर जानलेवा तनाव बन रहा है। उन्होंने संवेदनशील आरोप लगाते हुए कहा—”पहले सांप–बिच्छू के काटने से मौत होती थी, अब केंचुआ के डसने से दर्जनों BLO की मौत हो रही है।”
SIR के नाम पर फर्जी कहानी, नाम काटने का खेल
भूपेश बघेल ने SIR प्रक्रिया पर राजनीतिक मंशा का आरोप लगाते हुए कहा कि “SIR के नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम काटने की तैयारी है।” सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा—
“कहा जा रहा है कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को बाहर निकाला जाएगा, लेकिन सरकार अब तक यह नहीं बता पाई कि राज्य में कितने बांग्लादेशी हैं। वे आंकड़े क्यों नहीं दे पा रहे? यह पूरी तरह राजनीतिक खेल है।”
वार्ड 42 का विवाद—BLO के आंसू और FIR की मांग
कुछ दिनों पहले रायपुर की पुरानी बस्ती, महंत लक्ष्मी नारायण दास वार्ड क्रमांक 42 में SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ा विवाद सामने आया था। एक महिला BLO भावुक होकर रो पड़ी थी और उन्होंने भाजपा पार्षद पर धमकी देने का आरोप लगाया था।इस घटना के बाद कांग्रेस ने पार्षद पर FIR दर्ज करने की मांग की, जबकि भाजपा ने महिला BLO के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
कांग्रेस की मांग—समय सीमा 3 माह बढ़ाई जाए
सर्वे प्रक्रिया में सुधार को लेकर कांग्रेस ने SIR की समय सीमा तीन महीने बढ़ाने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि राज्य में धान खरीदी का सीजन चरम पर है, जिसके चलते किसान और ग्रामीण इलाकों के लोग SIR प्रक्रिया में हिस्सा लेने से वंचित रह रहे हैं।कांग्रेस ने यह भी मांग रखी कि—BLO घर–घर जाकर सत्यापन करें,मतदाताओं से लिखित पुष्टि ली जाए,फोटो और फोटोकॉपी जैसी सुविधाएं दूरस्थ आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध नहीं होती, इसलिए इनकी व्यवस्था चुनाव आयोग को करनी चाहिए ! बघेल ने कहा कि मतदाता सत्यापन का काम पारदर्शी और बिना दबाव के होना चाहिए, ताकि BLO सुरक्षा, मानसिक संतुलन और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

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