रायपुर क्राइम ब्रांच के छह पुलिसकर्मियों पर कारोबारी की कार से 2 लाख रुपए चोरी का आरोप — एक आरक्षक निलंबित, बाकी पर जांच जारी

रायपुर क्राइम ब्रांच के छह पुलिसकर्मियों पर कारोबारी की कार से 2 लाख रुपए चोरी का आरोप — एक आरक्षक निलंबित, बाकी पर जांच जारी

रायपुर। राजधानी रायपुर की क्राइम ब्रांच टीम पर गंभीर आरोप लगे हैं। दुर्ग के एक कारोबारी की कार से 2 लाख रुपए चोरी करने के मामले में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। मामले में रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आरक्षक प्रशांत शुक्ला को तत्काल निलंबित कर दिया है, जबकि धनंजय गोस्वामी, प्रमोद वट्टी, अमित, वीरेंद्र भार्गव और अन्य दो पुलिसकर्मियों पर जांच चल रही है। जानकारी के मुताबिक, दुर्ग निवासी कारोबारी मयंक गोस्वामी, जिनका धमतरी में बाइक शो-रूम है, धनतेरस के दिन धमतरी से अपने घर लौट रहे थे। कारोबारी के अनुसार, रायपुर क्राइम ब्रांच की एक टीम उनकी कार का पीछा करते हुए दुर्ग तक पहुंची और चेकिंग के बहाने उनके घर के बाहर कार की तलाशी ली।

कारोबारी का आरोप है कि तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों ने कार में रखे 2 लाख रुपए निकाल लिए। जब रकम गायब पाई गई, तो उन्होंने अपने दुकान और घर के CCTV फुटेज की जांच की। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि चेकिंग के दौरान टीम के कुछ सदस्य कार से कुछ निकालते नजर आ रहे हैं।

कारोबारी ने मामले की लिखित शिकायत दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल से की और CCTV फुटेज भी सौंपे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 18 अक्टूबर की रात रायपुर क्राइम ब्रांच को एक संदिग्ध कार की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम धमतरी और कुम्हारी मार्ग से दुर्ग तक पहुंची थी। टीम का दावा है कि संदिग्ध वाहन फरार हो गया था, जिसके बाद वे विद्युत नगर (पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र) पहुंचे। वहीं कारोबारी का कहना है कि पुलिस टीम ने बिना किसी अनुमति या नोटिस के उसकी कार की तलाशी ली।
मामले को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने जांच रिपोर्ट रायपुर एसएसपी को भेज दी है। उन्होंने कहा, “कारोबारी की शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद पूरा मामला रायपुर पुलिस को भेजा गया है। आगे की कार्रवाई वहीं से होगी।”
रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने पुष्टि की कि आरक्षक प्रशांत शुक्ला को सस्पेंड कर दिया गया है और बाकी पुलिसकर्मियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ में कुछ जवानों ने कहा कि “पैसे निकालने वाला अकेला था, बाकी को इसकी जानकारी नहीं थी।”
सूत्रों के अनुसार, साइबर रेंज के एडिशनल एसपी संदीप मित्तल ने गुप्त कार्रवाई के लिए प्रशांत शुक्ला, धनंजय गोस्वामी, प्रमोद वट्टी, अमित, दिलीप जांगड़े और वीरेंद्र भार्गव को दुर्ग भेजा था। घटना के समय इस टीम की तैनाती की जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं थी।
फिलहाल रायपुर पुलिस ने मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम नागरिकों के बीच कानून व्यवस्था और भरोसे को लेकर भी चिंता का विषय बन गई है।

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