दुर्ग। आगामी 7 जुलाई को रायपुर में आयोजित होने जा रही ‘संविधान बचाओ रैली’ की तैयारियों को लेकर दुर्ग के राजीव भवन में कांग्रेस की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी की खूब चर्चा है, लेकिन किसान आज भी सबसे ज़्यादा परेशान है।”
चौबे ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों में किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रही है, जबकि व्यापारी इसे महंगे दामों में बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई किसान बिना खाद के ही धान की बोआई करने को मजबूर हैं और गर्मी की फसल में जो धान उपजा है, वह 1400 रुपए में भी नहीं बिक रहा।
“किसानों को संगमरमर बुरादा मिल रहा है खाद में”
पूर्व कृषि मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में नकली खाद का कारोबार तेज़ी से फैल रहा है। “राजस्थान से आने वाली खाद में संगमरमर के बुरादे जैसी मिलावट की जा रही है, जिससे किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा,” उन्होंने कहा।
सांसद विजय बघेल का तीखा जवाब
पूर्व मंत्री के इन आरोपों पर दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “चौबे जी को पहले अपने कार्यकाल की याद करनी चाहिए, जब यूरिया में भारी भ्रष्टाचार होता था।”
बघेल ने बताया कि मोदी सरकार ने नीम कोटेड यूरिया की शुरुआत की, जिससे खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को लगभग 80% सब्सिडी पर खाद उपलब्ध करा रही है।
“आईना हमें न दिखाएं, पहले खुद देखें”
सांसद बघेल ने कांग्रेस शासन पर तंज कसते हुए कहा, “हमें आईना न दिखाएं, पहले खुद आईने में अपना चेहरा देखें। भाजपा सरकार ने किसानों को 0% ब्याज दर पर कर्ज, 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और प्रति किसान 21 क्विंटल तक धान की खरीदी जैसी योजनाओं से राहत दी है।”
कांग्रेस का दावा—किसान रैली में उठेगा हक का सवाल
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि ‘संविधान बचाओ रैली’ सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों, मजदूरों और आम जनता की आवाज़ बुलंद करने का मंच होगा। चौबे ने कहा कि यह रैली भाजपा की “जनविरोधी नीतियों” के खिलाफ जनजागरण का माध्यम बनेगी।