दुर्ग। मचांदूर गांव में सेना के जवान कौशल निषाद के घर भगवा ध्वज फहराने को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। इस पूरे मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने मोर्चा संभालते हुए शक्ति प्रदर्शन किया। शुक्रवार को भाजयुमो के सैकड़ों कार्यकर्ता गांव पहुँचे और पीड़ित परिवार के घर पर कई भगवा ध्वज फहरा दिए। पूरा गांव “जय श्रीराम” और हनुमान चालीसा के जयघोष से गूंज उठा।
भाजयुमो की सक्रियता
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया खुद मौके पर पहुँचे और ध्वज फहराने के साथ हनुमान चालीसा का पाठ कराया। उन्होंने कहा—“हमें ये ध्वज गृह मंत्री विजय शर्मा ने सौंपा है। सनातन आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस शासन में भगवा का अपमान हुआ था, लेकिन भाजपा सरकार में हम पूरी मजबूती से सनातन की रक्षा करेंगे।” टिकरिया ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजयुमो हर उस परिवार और व्यक्ति के साथ खड़ा है जिनकी धार्मिक आस्थाओं का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए दोषी आरक्षकों की बर्खास्तगी की माँग की।
पीड़ित परिवार की व्यथा
कौशल निषाद की मां नेहा निषाद ने भावुक होकर कहा—“मेरा बेटा सीमा पर देश की रक्षा कर रहा है, लेकिन गांव में पुलिस ही हमारे साथ अन्याय कर रही है। मुस्लिम समुदाय के दबाव में हमें परेशान किया जा रहा है। हमारी जान को भी खतरा है।”
पुलिस की कार्रवाई
इस घटना को लेकर पुलिस ने एहतियातन गांव में भारी बल तैनात किया है। ग्रामीण एसपी अभिषेक झा ने बताया कि किसी भी पक्ष से अब तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, वीडियो में दिख रहे एक आरक्षक को लाइन अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, जिस मुस्लिम युवक असलम पर धमकाने का आरोप है, वह निगरानीशुदा बदमाश है और उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
नतीजा–
इस विवाद ने अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सियासी रंग भी ले लिया है। भाजयुमो की सक्रिय भागीदारी से यह साफ हो गया है कि संगठन न केवल पीड़ित परिवार के समर्थन में है बल्कि भगवा आस्था और सनातन परंपरा की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।