पाटन। उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, सांकरा के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने दीक्षारंभ कार्यक्रम के तहत चीचा वेटलैंड का भ्रमण किया। इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को वेटलैंड के महत्व और पर्यावरणीय संरक्षण से जोड़ना था। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अमित दीक्षित के दिशा-निर्देशन और डॉ. हरिश्चंद्र दर्रो एवं डॉ. विशाखा तिवारी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को वेटलैंड पारिस्थितिकी तंत्र की वैज्ञानिक और व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि वेटलैंड जल और स्थल के बीच एक अहम कड़ी हैं। ये न केवल जल संचयन और जैव विविधता संरक्षण में मददगार हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर एवं पक्षी विशेषज्ञ राजू वर्मा ने विद्यार्थियों को चीचा वेटलैंड में पाए जाने वाले पक्षियों की प्रजातियों, उनकी पहचान और संरक्षण के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह वेटलैंड प्रवासी पक्षियों के लिए विशेष महत्व रखता है, जहाँ हर वर्ष अनेक विदेशी प्रजातियों के पक्षी सर्दियाँ बिताने आते हैं।इस अवसर पर चीचा ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि पंकज चंद्राकर सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने प्राकृतिक परिवेश में सीखने का अनुभव प्राप्त किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।