जल जीवन मिशन में लापरवाही से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी, ठेकेदार पर उठे सवाल – विभाग की चुप्पी पर जनता नाराज़

जामगांव आर। दक्षिण पाटन क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों में कार्य एजेंसी की मनमानी और लापरवाही से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि बेल्हारी में मल्टी विलेज स्कीम के अंतर्गत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सहित 18 गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने वेस्ट इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा है लेकिन कंपनी की लापरवाही अब सीधे तौर पर जनजीवन पर भारी पड़ रही है।

जानकारी के अनुसार गांवों में पाइपलाइन बिछाने के बाद अनेक जगहों पर सही ढंग से मुरुम फिलिंग नहीं की गई, जिसके चलते कई जगह दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। मुख्य मार्ग और सड़कों पर खुदाई के बाद सोल्जर पर मुरुम के ढेर छोड़ दिए गए, जो बारिश में बहकर सड़क पर आने से राहगीरों के लिए बड़ी असुविधा पैदा कर रहे हैं। वहीं बेल्हारी में मुख्य चौक और सड़कों की खुदाई के महीनों बाद भी कंक्रीट नहीं किया गया, जिससे आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर लापरवाही का उदाहरण हाल ही में सामने आया जब बटरेल में खुले वाल चेम्बर में गिरने से मोखा निवासी एक युवक की मौत हो गई। टेमरी चौक सहित कई जगहों पर लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे है ।

◆ शिकायतों के बाद कार्यवाही और सुधार नही-

जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना में यदि ठेकेदारों की मनमानी और विभाग की उदासीनता इसी तरह बनी रही, तो योजना की सार्थकता खो जाएगी और जनता को राहत के बजाय मुसीबत ही मिलेगी।
सवाल यह है कि— क्या शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करना विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत का सबूत नहीं है?

◆ बेल्हारी मुख्य सड़क किनारे घटिया कांक्रीटीकरण-

स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने पाइपलाइन बिछाने के बाद बेहद घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया। बेल्हारी मुख्य सड़क किनारे किया गया कंक्रीट महज एक साल में ही उखड़ गया। पूर्व में ग्राम पंचायत और व्यापारियों ने शिकायत की थी, लेकिन विभाग और कंपनी ने सुधार की कोई कोशिश नहीं की। स्थानीय व्यवसायी महेश साहू, प्रदीप तोमर और लोकेश साहू ने बताया कि “जहां पहले पेवरब्लॉक लगा था, वहां सीमेंटीकरण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। निर्माण के 15 दिन के भीतर ही वह उखड़ने लगा था। शिकायतों के बावजूद अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। नतीजतन आज यहां से धूल का गुबार उड़ता है और लोग परेशान हैं।

◆ पीएचई की सफाई,समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाएंगे –

इस मामले में पीएचई के एसडीओ ए खान ने सफाई देते हुए कहा कि “कुछ जगहों पर तकनीकी खामियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा। बेल्हारी और अन्य ग्रामों में मरम्मत कार्य के लिये एजेंसी को निर्देशित करते हुए समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाएंगे।

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