पाटन। क्षेत्र के ग्राम सेलूद से एक ऐसी अनोखी बारात सामने आई है, जिसने आधुनिक शादियों के दिखावे के बीच सादगी और परंपरा की नई मिसाल पेश कर दी। जहां आजकल शादियों में महंगी गाड़ियां, डीजे और भव्य आयोजन आम हो गए हैं, वहीं दूल्हे योगेंद्र ठाकुर ने अपनी बारात को खास बनाने के लिए पारंपरिक बैलगाड़ी का सहारा लिया। सजी-धजी बैलगाड़ियों के साथ निकली यह “देसी बारात” जब गांव की गलियों से गुजरी, तो पूरा माहौल उत्सव में बदल गया। ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और इस अनोखे नजारे का स्वागत किया। कई स्थानों पर बारातियों पर फूल बरसाए गए और पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया गया।
इस बारात की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी रही। न तेज डीजे का शोर, न महंगी गाड़ियों का दिखावा—सिर्फ पारंपरिक वेशभूषा, लोक संस्कृति और आपसी खुशी का माहौल। बुजुर्गों ने इसे पुराने दौर की याद बताते हुए कहा कि पहले शादियां इसी तरह सादगी और संस्कारों के साथ संपन्न होती थीं।ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दूल्हे योगेंद्र ठाकुर की इस पहल की जमकर सराहना की। उनका कहना है कि यह नई पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक संदेश है—जिससे न केवल अपनी संस्कृति से जुड़ाव बढ़ता है, बल्कि फिजूलखर्ची और दिखावे से दूर रहने की प्रेरणा भी मिलती है।
यह अनोखी बारात अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग इसे सादगी, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।