भिलाई में पहली बार MTB फ्रीस्टाइल साइक्लिंग चैंपियनशिप का रोमांच, भारी बारिश के बीच सांसद विजय बघेल ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

भिलाई में पहली बार MTB फ्रीस्टाइल साइक्लिंग चैंपियनशिप का रोमांच, भारी बारिश के बीच सांसद विजय बघेल ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

22 राज्यों के 58 खिलाड़ियों ने दिखाया दम, भिलाई के प्रेरक कांत वर्मा बने चैंपियन
भिलाई। छत्तीसगढ़ में पहली बार भिलाई के जयंती स्टेडियम में दो दिवसीय माउंटेन बाइक (MTB) फ्रीस्टाइल साइक्लिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। VRM क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का फाइनल भारी बारिश के बावजूद रोमांचक मुकाबलों के साथ संपन्न हुआ। देश के 22 राज्यों से आए 58 खिलाड़ियों ने अपने शानदार स्टंट और कौशल का प्रदर्शन किया, जिनमें से 10 खिलाड़ियों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। फाइनल मुकाबले में भिलाई के प्रेरक कांत वर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर श्रीनगर (कश्मीर) के मोहम्मद फरहान और तीसरे स्थान पर पटना (बिहार) के मोहम्मद दिलशाद रहे।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल थे। उनके साथ सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह, सुधीर बंसल, विष्णु पाठक, पप्पू चंद्राकर, पार्षद धर्मेंद्र भगत, अर्जुन अवॉर्ड विजेता राजेंद्र प्रसाद तथा बीएसपी के परमिंदर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन समिति के मुकेश सिंह, अभिषेक सिंह एवं अमन ठाकुर ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन में सांसद विजय बघेल ने कहा कि भिलाई में पहली बार इस स्तर की MTB फ्रीस्टाइल चैंपियनशिप का आयोजन होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने VRM क्लब एवं आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि तेज बारिश के बावजूद खिलाड़ियों का उत्साह, साहस और खेल भावना देखने योग्य रही। उन्होंने कहा कि 22 राज्यों से आए खिलाड़ियों का भिलाई की धरती पर स्वागत करना गर्व की बात है और ऐसे आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं।

सांसद ने आयोजन समिति के मुकेश सिंह और अभिषेक सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से भिलाई राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने अपने खेल जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं कबड्डी के खिलाड़ी और चैंपियन रहे हैं, इसलिए खिलाड़ियों के संघर्ष, अनुशासन और समर्पण को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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