रायपुर। छत्तीसगढ़ एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने आतंकवादी संगठन Islamic State of Iraq and Syria (ISIS) से जुड़े मामले में दो नाबालिगों के खिलाफ अदालत में करीब 1000 पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया है। जांच एजेंसी ने इसमें कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी संलग्न किए हैं। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है। जानकारी के अनुसार, 18 नवंबर 2025 को ATS ने Raipur से दो नाबालिगों को हिरासत में लिया था। जांच में सामने आया कि दोनों किशोर ISIS की विचारधारा से प्रभावित होकर उसके लिए काम करने लगे थे। वे पिछले करीब तीन वर्षों से सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठन से जुड़े वीडियो देख रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए किया गया ब्रेनवॉश
ATS के मुताबिक, आतंकवादी संगठन ने सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर दोनों नाबालिगों से संपर्क किया था। धीरे-धीरे उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित किया गया और उनका ब्रेनवॉश किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उन्हें देश में आतंकी गतिविधियां अंजाम देने के लिए उकसाया जा रहा था।
UAPA के तहत दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तारी के बाद ATS ने दोनों नाबालिगों से लगातार पूछताछ की थी। उनके खिलाफ Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद अब अदालत में चालान पेश किया गया है।
तीन साल से देख रहे थे आतंकी वीडियो
ATS अधिकारियों के मुताबिक, Raipur का एक 16 वर्षीय छात्र है, जिसके पिता सुरक्षा बल में कार्यरत हैं। वहीं Bhilai के 15 वर्षीय किशोर के पिता ऑटो ड्राइवर हैं। दोनों पिछले करीब तीन वर्षों से सोशल मीडिया के जरिए ISIS से जुड़े वीडियो देखते थे और उससे प्रभावित होकर आतंकी विचारधारा से जुड़े पोस्ट साझा करने लगे थे। साथ ही भारत विरोधी टिप्पणियां भी कर रहे थे।
पाकिस्तानी मॉड्यूल से भी संपर्क
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों नाबालिग ISIS के पाकिस्तानी मॉड्यूल के संपर्क में आ गए थे। वे उनसे ऑनलाइन चैटिंग के जरिए निर्देश प्राप्त कर रहे थे। ATS को आशंका है कि संगठन छत्तीसगढ़ में अपना मॉड्यूल तैयार करने की कोशिश कर रहा था। फिलहाल जांच एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच में जुटी हुई है।