
दुर्ग-भिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भिलाई के सुपेला घड़ी चौक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी हो गई। इस दौरान जलते पुतले की चपेट में आने से सुपेला थाने में पदस्थ एक आरक्षक की दाहिनी भुजा झुलस गई। घायल आरक्षक को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की पुष्टि स्थानीय रिपोर्टों में भी हुई है। घटना के बाद आरक्षक की शिकायत पर सुपेला थाना पुलिस ने पुतला दहन में शामिल अज्ञात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस प्रदर्शन के वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटी है।
UPI शुल्क के विरोध में किया गया प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुपेला घड़ी चौक पर धरना-प्रदर्शन और पदयात्रा का आयोजन किया था। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन UPI लेनदेन पर प्रस्तावित/नए MDR शुल्क के विरोध में किया गया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी के बाद उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शन को देखते हुए सुपेला थाना और दुर्ग रक्षित केंद्र से पुलिस बल तैनात किया गया था। पुतला जलाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने आग बुझाने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
सिविल ड्रेस में ड्यूटी पर था आरक्षक
पुलिस शिकायत के अनुसार, प्रदर्शन की निगरानी के लिए सुपेला थाने के एक आरक्षक की ड्यूटी सिविल कपड़ों में लगाई गई थी। शिकायत में बताया गया है कि शाम करीब 6:45 बजे 30 से 40 कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी के बाद पुतला जलाने लगे। पुलिसकर्मी पुतले की आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ झूमाझटकी हुई और जलते पुतले की आग आरक्षक की दाहिनी भुजा तक पहुंच गई। इसके बाद उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया।
वीडियो फुटेज से पहचान में जुटी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने आरक्षक की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि झूमाझटकी की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और आरक्षक किस तरह जलते पुतले की चपेट में आया। पुलिस के अनुसार, साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
UPI शुल्क को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी
UPI पर MDR शुल्क को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस चल रही है। विपक्ष ने इसे लेकर सरकार की आलोचना की है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि ग्राहकों पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा और व्यापारियों से भी यह शुल्क ग्राहकों से वसूलने की अनुमति नहीं होगी।