
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में 240 ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन-डिपो बनेंगे; 8 निकायों में 800 करोड़ से कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट
रायपुर। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में पेयजल, स्वच्छता, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े अधूरे कार्यों को अब तय समय सीमा में पूरा करना होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अमृत मिशन 2.0 के लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कर नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में प्रस्तावित 240 ई-बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन और डिपो सहित जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर मार्च 2027 तक तैयार करने के निर्देश दिए।
एसटीपी निर्माण में आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने, शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराने, नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने और नगरीय निकायों की राजस्व आय बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर छठे स्थान पर
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर को छठा स्थान मिलने पर अधिकारियों और संबंधित टीम को बधाई दी। उन्होंने शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि भारत सरकार की सतत योजना के तहत प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इससे ठोस अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर स्वीकृत
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 31 परिसरों का निर्माण कार्य वर्तमान में जारी है। इन परिसरों के जरिए विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
छोटे शहरों के लिए शुरू हुई आदर्श शहर समृद्धि योजना
नगरीय प्रशासन विभाग ने बड़े शहरों में संचालित नगरोत्थान योजना की तर्ज पर अब छोटे शहरों के लिए आदर्श शहर समृद्धि योजना शुरू की है। इसके तहत प्रदेश के 32 छोटे शहरों में सड़क, बिजली, पेयजल, लाइब्रेरी और अन्य जनोपयोगी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।
योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। संबंधित नगरीय निकायों से स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की सूची मंगाई गई है। उपलब्ध अधोसंरचना और सुविधाओं में कमी के आधार पर गैप एनालिसिस कर प्रस्तावों का परीक्षण किया जा रहा है।
प्राथमिकता के आधार पर प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कई नगरीय निकायों में स्वीकृत कार्यों का निर्माण भी शुरू हो चुका है। योजना के तहत चयनित 32 नगरीय निकायों में स्वीकृत विकास कार्यों को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पांच संभागों के 32 नगरीय निकायों का चयन
बस्तर संभाग: सुकमा, भोपालपट्टनम, गीदम, केशकाल, पखांजूर और नरहरपुर।
दुर्ग संभाग: पंडरिया, खैरागढ़, गुरूर, घुमका और छुईखदान।
रायपुर संभाग: कुरूद, महासमुंद, आरंग, बलौदाबाजार, पिथौरा और चंदखुरी।
बिलासपुर संभाग: लोरमी, मुंगेली, तखतपुर, जांजगीर-नैला, सक्ती, बिल्हा, घरघोड़ा, पुसौर और सरिया।
सरगुजा संभाग: कुनकुरी, सूरजपुर, पत्थलगांव, मनेन्द्रगढ़, लखनपुर और कोतबा।