
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ‘आदिवासी’ नहीं बल्कि ‘वनवासी’ कहे जाने को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी हैं या नहीं, इसका प्रमाण पत्र देने का अधिकार कांग्रेस को नहीं है। कौशिक ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों की जनता ने चुनाव में अपना फैसला सुना दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कांग्रेस के किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर भी साधा निशाना
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने सोमवार को भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है, लेकिन कांग्रेस को पहले अपने कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र और संविधान के प्रति जिम्मेदारी समझानी चाहिए। कौशिक ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं को यह बताना चाहिए कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनकी भूमिका क्या है और संविधान में उनकी आस्था किस तरह दिखाई देनी चाहिए।
शराब घोटाले को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कौशिक ने शराब घोटाले के आरोपों को लेकर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय बने शराब सिंडिकेट को भाजपा सरकार ने खत्म किया है। उन्होंने कहा कि शराब कारोबार में ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवस्था में बदलाव कर पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है।
17 सितंबर से शुरू होगा सेवा पखवाड़ा
कौशिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में सेवा पखवाड़े के तहत 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा इन कार्यक्रमों के जरिए सेवा, सुशासन और जनकल्याण का संदेश जनता तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
स्कूलों से लेकर पदयात्रा तक होंगे कार्यक्रम
सेवा पखवाड़े के दौरान दीप प्रज्वलन, स्कूलों में चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता, नाटक, ‘सेवा की कहानियां’, सेवा ज्योति कलश यात्रा और पदयात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
250 बाइकर्स जाएंगे बनारस
कौशिक के मुताबिक करीब 250 बाइकर्स का जत्था बनारस पहुंचेगा और वहां भगवान का जलाभिषेक करेगा। इसके अलावा ‘सुशासन संवाद’ के माध्यम से पंचायत से संसद तक लोगों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। भाजपा के मुताबिक सेवा पखवाड़े के कार्यक्रमों के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, सुशासन और जनकल्याण के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।