
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं ने एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ा दी है। बीजेपी संगठन की बैठकों में सरकार और मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा किए जाने की खबरों के बाद संभावित कैबिनेट बदलाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, संगठन स्तर पर विधायकों से मंत्रियों के कामकाज को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। हालांकि, बीजेपी की ओर से इसे नियमित संगठनात्मक बैठक और सरकार के कामकाज की समीक्षा बताया जा रहा है। ऐसे में फिलहाल किसी मंत्री को हटाने या नए चेहरों को शामिल करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
करीब पौने तीन साल बाद बदलाव की चर्चा
साय सरकार को सत्ता में आए करीब पौने तीन साल हो चुके हैं। अब बीजेपी संगठन आगामी राजनीतिक और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में जुटा है। इसी बीच पार्टी कार्यालय में लगातार दो दिनों तक हुई बैठकों में संगठन के कामकाज के साथ सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। बताया जा रहा है कि बैठकों के दौरान मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा हुई। विधायकों से उनके क्षेत्रों में सरकार और मंत्रियों की सक्रियता को लेकर फीडबैक लिए जाने की बात सामने आई है।
नॉन-परफॉर्मिंग मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी?
सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा उन मंत्रियों को लेकर है, जिनके कामकाज को लेकर संगठन कथित तौर पर संतुष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि यदि नेतृत्व ने प्रदर्शन के आधार पर बदलाव का फैसला लिया तो कुछ मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। कुछ विधायकों के बीच भी आने वाले एक महीने के भीतर मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना की चर्चा होने की बात कही जा रही है। हालांकि, यह फिलहाल राजनीतिक अटकलों तक सीमित है और बीजेपी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
बीजेपी बोली- नियमित समीक्षा, कांग्रेस ने साधा निशाना
बीजेपी की ओर से बैठकों को नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया बताया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि सरकार और संगठन के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा होती रहती है। वहीं कांग्रेस ने संभावित फेरबदल को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया कि सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि केंद्र में भी मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार के मंत्रियों के कामकाज पर भी सवाल उठाए। फिलहाल कैबिनेट में फेरबदल को लेकर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में संगठन की बैठकों और नेतृत्व के फैसलों पर सबकी नजर रहेगी।