
भिलाई। जरूरतमंद लोगों को आर्थिक मदद का झांसा देकर उनके नाम पर वाहन और घरेलू सामान फाइनेंस कराने वाले दो आरोपियों को स्मृतिनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर आरोप है कि वे फाइनेंस के समय डाउन पेमेंट खुद जमा करने और आगे की किस्तें भरने का भरोसा दिलाते थे। सामान या वाहन मिलने के बाद उसे कम कीमत में दूसरे लोगों को बेच देते और उससे मिली रकम आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 8 वाहन और एक वॉशिंग मशीन समेत कुल 9 सामान बरामद किए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस अब इस मामले में आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और उनके जरिए फाइनेंस कराए गए बाकी सामान की जानकारी जुटा रही है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 21 सितंबर को हुई, जब भिलाई नगर निवासी मनीष डहेरवाल ने स्मृतिनगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उनके और उनके परिचितों के नाम पर वाहन व अन्य सामान फाइनेंस कराकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया। शिकायत की जांच के दौरान पुलिस को धोखाधड़ी से जुड़े तथ्य मिले। इसके बाद स्मृतिनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 1408/2026 के तहत धारा 318(4), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पहले तलाशते थे आर्थिक जरूरत वाले लोग
पुलिस की जांच के अनुसार आरोपी ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिन्हें तत्काल पैसों की जरूरत होती थी। उनसे संपर्क कर आर्थिक फायदा देने का भरोसा दिया जाता था। इसके बाद उनके नाम पर वाहन या घरेलू सामान फाइनेंस कराया जाता था। फाइनेंस के दौरान आरोपियों की ओर से डाउन पेमेंट जमा करने और आगे की किस्तें चुकाने का आश्वासन दिया जाता था। इससे संबंधित व्यक्ति उनके झांसे में आ जाते थे।
वाहन मिलते ही कम कीमत पर बेच देते थे
फाइनेंस की प्रक्रिया पूरी होने और वाहन या सामान मिलने के बाद आरोपी उसे दूसरे लोगों को कम कीमत पर बेच देते थे। बिक्री से मिली रकम दोनों आरोपी आपस में बांट लेते थे। वहीं, फाइनेंस संबंधित व्यक्ति के नाम पर होने के कारण किस्त चुकाने की जिम्मेदारी उसी व्यक्ति पर रहती थी। इससे उन लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था, जिनके नाम पर फाइनेंस कराया गया था।
दो आरोपी गिरफ्तार, 10 लाख का सामान बरामद
पुलिस ने मामले में जसमीत सिंह उर्फ प्रिंस (28), निवासी कैलाश नगर, जामुल और भोजराज राय उर्फ भोजू (26), निवासी कोहका को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर अब तक 8 वाहन और एक वॉशिंग मशीन बरामद की गई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह कितने लोगों के नाम पर फाइनेंस कराया गया और इस नेटवर्क में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।