रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध को लेकर अपनी सक्रियता तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद ज्योत्सना महंत सहित कांग्रेस के विधायक रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। पार्टी नेताओं के अनुसार, दिल्ली में आयोजित होने वाली बैठक और विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
दिल्ली में बैठक, प्रदर्शन की रूपरेखा पर चर्चा
कांग्रेस नेताओं के दिल्ली दौरे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में बैठक प्रस्तावित है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR के विरोध को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक दिल्ली में इंडी गठबंधन के प्रस्तावित प्रदर्शन और मार्च में भाग लेंगे। पार्टी के जिला अध्यक्षों और कुछ वरिष्ठ नेताओं के भी सोमवार को दिल्ली पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
दीपक बैज ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
दिल्ली रवाना होने से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और अन्य नेताओं ने केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से सत्तारूढ़ भाजपा को लाभ पहुंच रहा है। पार्टी ने वोट चोरी के आरोप भी लगाए हैं। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जवाबों के आधार पर की जानी होगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान सरकार और प्रशासन की कथित कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई तथा इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस के अनुसार, दिल्ली में होने वाली बैठक में विरोध प्रदर्शन के स्वरूप, आगामी कार्यक्रमों और विपक्षी दलों के बीच समन्वय पर विचार किया जाएगा। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR के विरोध को प्रमुख मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के दिल्ली पहुंचने के साथ ही राज्य कांग्रेस की भागीदारी राष्ट्रीय स्तर के इस राजनीतिक घटनाक्रम में महत्वपूर्ण रहेगी। प्रदर्शन और बैठक के बाद पार्टी की आगामी रणनीति को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।