
भिलाई। दुर्ग जिले में सक्रिय और स्थायी गैंग हिस्ट्रीशीटरों की आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए करीब 50 गैंग हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ बाउंड ओवर की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही एमसीयू की प्रक्रिया भी पूरी की गई। पुलिस के मुताबिक अभियान के दौरान संबंधित व्यक्तियों के आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान गतिविधियों और उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन किया गया। इसके बाद रिकॉर्ड को अपडेट किया गया, ताकि पुलिस की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
2100 से ज्यादा आदतन बदमाशों का एमसीयू
पुलिस के अनुसार दुर्ग जिले में अब तक करीब 2100 आदतन बदमाशों और गैंग हिस्ट्रीशीटरों का एमसीयू कराया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीट और संबंधित रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने से संदिग्ध और आदतन अपराधियों की मौजूदा गतिविधियों की जानकारी समय पर मिलती है। इसके जरिए पुलिस उन लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रख सकती है, जो लगातार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के संपर्क में रहते हैं। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अपराध की पुनरावृत्ति रोकना अभियान का उद्देश्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य आदतन अपराधियों पर सतत निगरानी रखना, गैंग से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण करना और अपराध की पुनरावृत्ति को रोकना है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ऐसे लोगों की गतिविधियों की नियमित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैधानिक कार्रवाई और सतत निगरानी आगे भी जारी रहेगी। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।