
बारदाना, इलेक्ट्रॉनिक तौल, बिजली-पानी की व्यवस्था समय पर पूरी करने पर जोर, धान उठाव और कस्टम मिलिंग में तेजी लाने के निर्देश
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी को लेकर खाद्य विभाग ने तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि किसानों को पंजीयन और टोकन प्राप्त करने से लेकर धान विक्रय तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में धान खरीदी की तैयारियों के साथ कस्टम मिलिंग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), खाद्यान्न भंडारण और परिवहन सहित विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने पर जोर दिया।
खरीदी केंद्रों में बारदाना, तौल और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
खाद्य मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की जांच कर ली जाए। बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कमी के कारण खरीदी प्रभावित न हो। नए धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक माप-तौल की व्यवस्था करने के साथ बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में पहुंचने वाले किसानों को अनावश्यक इंतजार और असुविधा का सामना न करना पड़े। टोकन व्यवस्था सुचारु रखने तथा किसानों को खरीदी प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
धान उठाव और कस्टम मिलिंग में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में कस्टम मिलिंग की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को धान उठाव और कस्टम मिलिंग से जुड़ी समस्याओं का आकलन कर समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी, उठाव और कस्टम मिलिंग के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए, ताकि पूरी व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके। जिन क्षेत्रों या केंद्रों में समस्या सामने आए, वहां वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रदेश में 83.33 लाख राशन कार्ड, 2.74 करोड़ से अधिक सदस्य
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 83.33 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनमें 274.04 लाख सदस्य पंजीकृत हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित 3.08 करोड़ आबादी के आधार पर पीडीएस का कवरेज लगभग 89 प्रतिशत बताया गया।
मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न की समयबद्ध आपूर्ति और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न का अग्रिम भंडारण करने और चावल परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टरों द्वारा दुकानों में खाद्यान्न तौलकर सौंपने की व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी पर जोर दिया।
एनएफएसए के तहत 57.16 लाख राशन कार्ड
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत प्रदेश में 57.16 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनसे 198.16 लाख सदस्य जुड़े हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 26.17 लाख राशन कार्डों में 75.87 लाख सदस्य पंजीकृत हैं। श्रेणीवार आंकड़ों में 15.80 लाख अंत्योदय, 58.65 लाख प्राथमिकता, 8.43 लाख सामान्य, 0.28 लाख निराश्रित और 0.17 लाख निःशक्तजन राशन कार्ड शामिल हैं। खाद्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पारदर्शिता और सुगमता से पहुंचे। धान खरीदी से लेकर राशन वितरण तक किसानों और आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउस के संचालक आशीष टिकरीहा, संचालक माप-तौल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।