
कवर्धा में राजाढ़ार और आमानारा के मामले आए सामने, आवास निर्माण नहीं होने और रकम वापस नहीं मिलने की शिकायत; उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही
कवर्धा, 16 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मकान निर्माण कराने के नाम पर बैगा जनजाति के नौ हितग्राहियों से कथित तौर पर 5 लाख 9 हजार रुपये लेने और आवास निर्माण नहीं कराने का मामला सामने आया है। हितग्राहियों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत राजाढ़ार और आमानारा से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आवास निर्माण के लिए रकम लेने के बावजूद संबंधित ठेकेदारों ने मकान नहीं बनवाए और राशि भी वापस नहीं की। मामले में पुलिस ने जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजाढ़ार में पांच हितग्राहियों से 3.20 लाख रुपये लेने का आरोप
ग्राम पंचायत राजाढ़ार के पांच हितग्राहियों ने शिकायत की है कि आवास निर्माण के नाम पर ठेकेदार कुमार मेरावी ने उनसे कुल 3 लाख 20 हजार रुपये लिए, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी मकान का निर्माण नहीं कराया।
शिकायत के अनुसार, देवसिंह, मंधोर बाई और पुसीया बाई से 60-60 हजार रुपये, कौशिल्या बाई से 80 हजार रुपये तथा ननकी बाई से 60 हजार रुपये लिए गए। हितग्राहियों का कहना है कि लगभग डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी उनके आवास नहीं बने और न ही उनकी रकम लौटाई गई। इस मामले में 14 अक्टूबर 2026 को थाना चिल्फी में ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
आमानारा में चार हितग्राहियों से 1.89 लाख रुपये लेने की शिकायत
दूसरा मामला ग्राम पंचायत आमानारा का है। यहां चार हितग्राहियों ने आवास निर्माण के नाम पर राशि लेने और मकान नहीं बनवाने की शिकायत की है।
शिकायत में बैसाखू बैगा से 64 हजार रुपये, सुकोर बाई से 60 हजार रुपये, सोनिया बाई से 45 हजार रुपये और रनो बाई से 20 हजार रुपये लेने की बात कही गई है। कुल राशि 1 लाख 89 हजार रुपये बताई गई है। इस मामले में ठेकेदार तुमेश गोड़ के खिलाफ 13 अक्टूबर 2026 को थाना तरेगांव जंगल में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है। आवास निर्माण के नाम पर हितग्राहियों से राशि लेकर काम नहीं कराना गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों के आवास निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आवास निर्माण के लिए स्वीकृत राशि पर हितग्राहियों का अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति उन्हें बहलाकर या धोखे में रखकर राशि लेता है और निर्माण कार्य नहीं कराता, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आवास निर्माण और हितग्राहियों को राहत दिलाने की चुनौती
राजाढ़ार और आमानारा से सामने आए इन मामलों ने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के क्रियान्वयन तथा पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। शिकायतों के अनुसार, नौ परिवारों से कुल 5.09 लाख रुपये लेने के बावजूद उनके आवास नहीं बन पाए। अब पुलिस जांच में शिकायतों की पुष्टि, राशि के लेन-देन की पड़ताल और जिम्मेदारी तय करना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने और उनके आवास निर्माण की स्थिति स्पष्ट करने पर भी ध्यान देना जरूरी है। फिलहाल दोनों ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।