
YC न्यूज़ डेस्क । खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कई बड़े फूड ब्रांड्स, रिटेल चेन और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। सरकार के मुताबिक, हाल के महीनों में नियमों के उल्लंघन को लेकर करीब 150 नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिस में भ्रामक विज्ञापन, उत्पादों के बारे में गलत या अप्रमाणित दावे और लेबलिंग नियमों के पालन में कमी जैसे मामले शामिल हैं। नोटिस पाने वाली कंपनियों में नेस्ले इंडिया, पेप्सिको और कोका-कोला इंडिया जैसी प्रमुख कंपनियों के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट को भी नोटिस जारी किए गए हैं। फूड सर्विस सेक्टर में KFC, मैकडॉनल्ड्स, पिज्जा हट, डोमिनोज और कोस्टा कॉफी जैसे ब्रांड्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
अमेजन-फ्लिपकार्ट को 12 नोटिस
FSSAI के अनुसार, अमेजन और फ्लिपकार्ट को कुल 12 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें खाद्य उत्पादों की बिक्री और उनसे जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर उठाए गए सवाल शामिल हैं। अमेजन के एक वेयरहाउस का लाइसेंस भी रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, फूड सर्विस से जुड़े संस्थानों को 30 से ज्यादा नोटिस दिए गए हैं।
डोमिनोज के पांच लाइसेंस सस्पेंड
KFC, मैकडॉनल्ड्स, पिज्जा हट, डोमिनोज और कोस्टा कॉफी जैसे फूड सर्विस ब्रांड्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक, डोमिनोज के पांच लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। लाइसेंस सस्पेंड होने का मतलब संबंधित आउटलेट का हमेशा के लिए बंद होना नहीं है। नियमों में बताई गई कमियों को दूर करने और आवश्यक अनुपालन पूरा करने के बाद लाइसेंस बहाल किया जा सकता है।
नोटिस के बाद कंपनियों ने शुरू किए सुधार
FSSAI के मुताबिक, कार्रवाई के बाद कई कंपनियों ने अपनी प्रक्रियाओं में सुधार शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा, विज्ञापन और लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी लगातार की जा रही है। नियामक का फोकस इस बात पर है कि कंपनियां अपने उत्पादों के बारे में ग्राहकों को सही और स्पष्ट जानकारी दें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
भ्रामक विज्ञापन क्या होता है?
ऐसा विज्ञापन जिसमें किसी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता, सामग्री या स्वास्थ्य लाभ के बारे में गलत, अधूरी या गुमराह करने वाली जानकारी दी जाती है, उसे भ्रामक विज्ञापन माना जा सकता है। यदि किसी उत्पाद के बारे में ऐसा दावा किया जाता है जो वैज्ञानिक प्रमाण से समर्थित नहीं है, किसी दूसरे उत्पाद को गलत तरीके से खराब बताया जाता है या ग्राहक से जरूरी जानकारी छिपाई जाती है, तो भी यह नियमों के दायरे में आ सकता है।
‘हेल्दी’ और ‘नेचुरल’ जैसे दावों पर रहें सतर्क
खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर लिखे ‘हेल्दी’, ‘नेचुरल’ या ‘100% शुद्ध’ जैसे दावों को देखकर ही उत्पाद को बेहतर नहीं मानना चाहिए। ग्राहकों को उत्पाद की सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और अन्य लेबल विवरण भी पढ़ने चाहिए। यदि किसी उत्पाद के बारे में बीमारी ठीक करने या असाधारण स्वास्थ्य लाभ का दावा किया जाता है, तो ग्राहक को ऐसे दावों की विश्वसनीयता और प्रमाण की जांच करनी चाहिए।
शिकायत के लिए बिल और पैकेट की फोटो रखें
यदि किसी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता संदिग्ध लगती है या लेबल पर गलत जानकारी होने का संदेह है, तो ग्राहक को बिल, पैकेट की तस्वीर और उत्पाद से जुड़ी अन्य जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। इसके आधार पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग और उपभोक्ता शिकायत माध्यमों पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
लाइसेंस सस्पेंड होने पर क्या करें?
किसी फूड आउटलेट का लाइसेंस निलंबित होने का मतलब यह नहीं है कि वह स्थायी रूप से बंद हो गया है। नियमों का उल्लंघन दूर करने और आवश्यक शर्तें पूरी करने के बाद लाइसेंस दोबारा बहाल किया जा सकता है। ग्राहकों के लिए लाइसेंस निलंबन एक संकेत है कि संबंधित प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर कमी पाई गई है। ऐसे में खाद्य सामग्री खरीदते या खाते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
इलायची के विज्ञापन को लेकर फिल्मी सितारों को नोटिस
इसी बीच महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है। यह मामला भी खाद्य उत्पादों के विज्ञापन और उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले दावों की निगरानी को लेकर जारी कार्रवाई के बीच सामने आया है।