पाटन के विकास पर ‘एक्शन मोड’ में जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक, विभागों से मांगा जवाब और कार्रवाई का हिसाब

जिला पंचायत सामान्य सभा में स्कूल, किसान, पेयजल, सड़क, आंगनबाड़ी और राशन व्यवस्था के मुद्दे उठाए; खनिज विभाग की गैरहाजिरी पर भी मांगा जवाब

पाटन। पाटन विकासखंड के विकास और ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों को लेकर जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य सभा में जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। 25 अगस्त को आयोजित बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों से केवल जानकारी नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई, जवाबदेही और धरातल पर परिणाम सुनिश्चित करने की मांग की। श्रीमती नायक ने कहा कि पाटन के विकास से जुड़े विषय केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहने चाहिए। योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने विभिन्न विभागों से लंबित कार्यों की स्थिति, अब तक की कार्रवाई और आगामी कार्ययोजना की जानकारी मांगी।

स्कूलों की बदहाल व्यवस्था पर विद्यालयवार जानकारी

स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने जर्जर शाला भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, पेयजल, बिजली, बाउंड्रीवाल और फर्नीचर की उपलब्धता का मुद्दा उठाया। उन्होंने सुविधाओं से वंचित विद्यालयों की विद्यालयवार जानकारी तथा लंबित कार्यों की स्थिति मांगी और संबंधित अधिकारी को 7 दिवस के भीतर लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

कृषि यंत्र अनुदान में पारदर्शिता की मांग

कृषि विभाग से ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर, स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई उपकरण, पंपसेट सहित अन्य कृषि यंत्रों पर दिए जा रहे अनुदान की जानकारी मांगी गई। अध्यक्ष ने किसानवार एवं यंत्रवार स्वीकृति, वितरण, अनुदान राशि और लंबित आवेदनों का विवरण प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पहुंचना चाहिए।

पेयजल कार्यों की ग्रामवार स्थिति मांगी

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से पाटन क्षेत्र में स्वीकृत, प्रगतिरत, पूर्ण और अपूर्ण पेयजल कार्यों की ग्रामवार एवं कार्यवार जानकारी मांगी गई। लंबित कार्यों के कारण और उनके निराकरण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने को भी कहा गया। उन्होंने कहा कि पेयजल प्रत्येक परिवार की मूलभूत आवश्यकता है, इसलिए इससे जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

तीन ग्रामीण सड़कों को पीएमजीएसवाई में शामिल करने की मांग

ग्रामीणों की आवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सांतरा से छाटा, सिकोला से ठकुराइन टोला और गुजरा से मटिया मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल करने की मांग रखी। संबंधित विभाग से सर्वे एवं प्राक्कलन तैयार कर शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

आंगनबाड़ी और पोषण आहार की व्यवस्था पर सवाल

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में पाटन क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पेयजल, शौचालय, विद्युत, फर्नीचर और बाउंड्रीवाल जैसी सुविधाओं की केंद्रवार जानकारी मांगी गई। साथ ही रेडी-टू-ईट एवं अन्य पूरक पोषण आहार की वितरण व्यवस्था और गुणवत्ता जांच की जानकारी भी प्रस्तुत करने को कहा गया।

भवनविहीन राशन दुकानों के लिए मांगी कार्ययोजना

खाद्य विभाग से उचित मूल्य दुकानों की दुकानवार स्थिति मांगी गई। अध्यक्ष ने भवनविहीन राशन दुकानों की संख्या तथा उनके भवन निर्माण के लिए अब तक की गई कार्रवाई और प्रस्तावित कार्ययोजना का विवरण प्रस्तुत करने को कहा।

खनिज विभाग की गैरहाजिरी पर जताई नाराजगी

सामान्य सभा में खनिज विभाग की लगातार अनुपस्थिति को लेकर श्रीमती कीर्ति नायक ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनपद पंचायत पाटन द्वारा बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद खनिज विभाग का कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी सामान्य प्रशासन समिति एवं सामान्य सभा की बैठकों में उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण खनिज उत्खनन, अवैध खनन, अवैध परिवहन, रॉयल्टी और खनिज मद से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा प्रभावित हो रही है। अध्यक्ष ने विभाग से लगातार अनुपस्थिति का कारण, पूर्व में जारी सूचनाओं पर की गई कार्रवाई और पाटन क्षेत्र में की जा रही विभागीय कार्रवाई का विवरण मांगा। साथ ही आगामी सामान्य सभा में सक्षम अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की।

“जनता के सवालों का जवाब और समस्याओं का समाधान जरूरी”

श्रीमती कीर्ति नायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल समस्याओं को सामने रखना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना भी है। पाटन की जनता ने जिस विश्वास के साथ जिम्मेदारी दी है, उस विश्वास को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि “विकास का मूल्यांकन कागजों पर नहीं, बल्कि गांवों में दिखाई देने वाली सुविधाओं से होना चाहिए।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता से जुड़े हर जायज मुद्दे को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा और समाधान होने तक प्रयास जारी रहेगा।

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