भूपेश बघेल ने CM साय को डिबेट का चैलेंज: हसदेव की तारा कोल ब्लॉक नीलामी पर आमने-सामने बहस की मांग, बैज बोले- राहुल गांधी करेंगे आंदोलन

भूपेश बघेल ने CM साय को डिबेट का चैलेंज: हसदेव की तारा कोल ब्लॉक नीलामी पर आमने-सामने बहस की मांग, बैज बोले- राहुल गांधी करेंगे आंदोलन

अंबिकापुर। हसदेव अरण्य की तारा (रिवाइज्ड) कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान हसदेव क्षेत्र के 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया था।ताजा विवाद के बीच केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने भी कहा है कि दिसंबर 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध के बाद तारा ब्लॉक को दोबारा नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया था। मंत्रालय के अनुसार, राज्य सरकार ने बताया था कि तारा ब्लॉक का संशोधित क्षेत्र लेमरू एलीफेंट कॉरिडोर से बाहर है। इसके बाद सीमा में बदलाव कर इसे 15वें वाणिज्यिक कोयला नीलामी दौर में शामिल किया गया।

भूपेश बोले- मुख्यमंत्री से डिबेट के लिए तैयार

अंबिकापुर में कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे भूपेश बघेल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधानसभा से हसदेव क्षेत्र में आगे खनन नहीं किए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। उनकी सरकार ने केंद्र से 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि हसदेव घना वन क्षेत्र है और यह जलग्रहण क्षेत्र भी है। उनके मुताबिक, यहां खनन से सिंचाई और थर्मल पावर परियोजनाओं पर असर पड़ने के साथ आदिवासी परिवारों के विस्थापन का मुद्दा भी जुड़ा है। भूपेश बघेल ने भाजपा के उस आरोप पर कि हसदेव की खदानें कांग्रेस शासनकाल में आवंटित की गईं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को आमने-सामने बहस की चुनौती दी।

2023 में 9 ब्लॉक बाहर रखने का अनुरोध

रिकॉर्ड के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के खनिज साधन विभाग ने 23 जून 2023 को केंद्र को पत्र भेजकर 9 कोल ब्लॉकों को प्रस्तावित नीलामी सूची से बाहर रखने का अनुरोध किया था। इनमें तारा, केरेकॉमा, कोंडेर, तेंदुआ-मुड़ी, झिलगा-बरपाली, बरपाली-करमी टिकरा, बाटाटी कोल्गा नॉर्थ ईस्ट, बाटाटी कोल्गा ईस्ट और फतेहपुर साउथ शामिल थे। पत्र में 26 जुलाई 2022 को विधानसभा में पारित प्रस्ताव और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सिफारिशों का भी उल्लेख किया गया था।

दिसंबर 2025 में फिर नीलामी प्रक्रिया में आया तारा ब्लॉक

केंद्रीय कोयला मंत्रालय के अनुसार, 2023 में तारा ब्लॉक को नीलामी से बाहर रखने के अनुरोध के बाद इसे प्रक्रिया से हटा दिया गया था। लेकिन 11 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर बताया कि तारा ब्लॉक लेमरू एलीफेंट कॉरिडोर से बाहर है और इसे अगली नीलामी में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) ने ब्लॉक की सीमा में संशोधन किया। तारा (रिवाइज्ड) को 15वें नीलामी दौर में शामिल किया गया, जिसमें 9 बोलियां प्राप्त हुईं।

बैज बोले- राहुल गांधी शुरू करेंगे बड़ा आंदोलन

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस हसदेव के जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर आंदोलन करेगी। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ आएंगे और इस मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे। बैज के मुताबिक राहुल गांधी बस्तर और सरगुजा दोनों क्षेत्रों का दौरा करेंगे। बैज ने विधानसभा के उस प्रस्ताव का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब हसदेव क्षेत्र में खनन नहीं किए जाने की बात कही गई थी, तो तारा कोल ब्लॉक की नीलामी कैसे हुई।

भाजपा ने कांग्रेस के पुराने रुख पर उठाए सवाल

वहीं, भाजपा और राज्य सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए गए हैं। छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने दावा किया कि भूपेश बघेल ने जून 2021 में तारा ब्लॉक को CMDC को आवंटित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि तारा ब्लॉक को 2011 में स्टेज-1 वन स्वीकृति मिली थी।

केंद्रीय मंत्रालय ने तारा (रिवाइज्ड) ब्लॉक की नीलामी से राज्य को सालाना 1,200 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व और 8,000 से ज्यादा रोजगार मिलने का अनुमान भी बताया है। हालांकि कांग्रेस और हसदेव से जुड़े संगठनों ने पर्यावरणीय प्रभाव और विधानसभा के पुराने प्रस्ताव का हवाला देते हुए नीलामी का विरोध किया है। इस पूरे मामले में अब 2023 में 9 ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने की मांग और दिसंबर 2025 में तारा ब्लॉक को दोबारा नीलामी में शामिल करने के लिए राज्य सरकार के अनुरोध को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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