रायपुर। शारदेय नवरात्रि के दौरान राजधानी रायपुर में आयोजित हो रहे रास गरबा और डांडिया कार्यक्रमों को लेकर पुलिस ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शहर में करीब दो दर्जन स्थानों पर आयोजित हो रहे इन कार्यक्रमों को सुरक्षा, ध्वनि नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जुड़ी एक दर्जन से अधिक शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
DJ पर प्रतिबंध, रात 10 बजे के बाद साउंड सिस्टम बंद
पुलिस के निर्देशों के मुताबिक, गरबा और डांडिया आयोजनों में DJ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। रात 10 बजे के बाद साउंड सिस्टम का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। आयोजकों को निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए रात 11 से 12 बजे के बीच हर हाल में कार्यक्रम समाप्त करना होगा।
महिला-पुरुष वालंटियर और CCTV जरूरी
आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए महिला एवं पुरुष वालंटियर के साथ सुरक्षा गार्ड तैनात करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही CCTV कैमरे लगाने और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में निगरानी और जांच की जा सके।
पार्किंग और भीड़ प्रबंधन पर भी नजर
पुलिस ने आयोजकों को आयोजन स्थल पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सड़क पर वाहन खड़े करने की अनुमति नहीं होगी। स्थल की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। क्षमता से अधिक भीड़ एकत्र करने पर रोक रहेगी।
इसके अलावा अग्निशमन उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन निकास मार्ग की व्यवस्था करना भी जरूरी होगा, ताकि आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अश्लील और भड़काऊ गतिविधियों पर रोक
गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में अश्लील, आपत्तिजनक या भड़काऊ गतिविधियों के साथ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों को कार्यक्रम के दौरान इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने या सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर आयोजन की अनुमति निरस्त की जा सकती है। संबंधित आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस की सख्ती के बीच अब राजधानी में होने वाले गरबा और डांडिया आयोजनों में सुरक्षा, अनुशासन और निर्धारित समय-सीमा के पालन पर विशेष जोर रहेगा।