श्रम विभाग की एक गलती से सरकारी योजनाओं से वंचित रामेश्वरी,आधार कार्ड पर किसी अन्य महिला का श्रम कार्ड ! अपना कार्ड बनवाने के लिए दर-दर भटक रही तेलीगुंडरा की महिला

श्रम विभाग की एक गलती से सरकारी योजनाओं से वंचित रामेश्वरी,आधार कार्ड पर किसी अन्य महिला का श्रम कार्ड ! अपना कार्ड बनवाने के लिए दर-दर भटक रही तेलीगुंडरा की महिला

पाटन। श्रम विभाग के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी का खामियाजा तेलीगुंडरा निवासी रामेश्वरी सेन को भुगतना पड़ रहा है। आरोप है कि उनके आधार कार्ड से किसी अन्य महिला का श्रम कार्ड जुड़ गया है। इसके कारण रामेश्वरी सेन स्वयं श्रमिक पंजीयन नहीं करा पा रही हैं और शासन की विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रही हैं।

आधार किसी का, श्रम कार्ड किसी और का!

रामेश्वरी सेन के अनुसार, जब उन्होंने स्वयं का श्रम कार्ड बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की तो सामने आया कि उनके आधार कार्ड से पहले ही किसी अन्य महिला का श्रम पंजीयन दर्ज है। इस वजह से उनका नया श्रम कार्ड नहीं बन पा रहा है। पीड़िता का कहना है कि संबंधित महिला उनके आधार कार्ड से जुड़े श्रम पंजीयन का लाभ ले रही है, जबकि वास्तविक हितग्राही होने के बावजूद उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।

शिकायत के बाद भी नहीं हुआ निराकरण

पीड़िता ने मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी की है। उनका कहना है कि वे अपनी समस्या के समाधान के लिए लगातार विभागीय कार्यालय के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी राहत नहीं मिली है। रामेश्वरी सेन ने मांग की है कि उनके आधार कार्ड से जुड़े गलत श्रम पंजीयन की तत्काल जांच कर उसे रिकॉर्ड से हटाया जाए तथा उनके नाम से सही श्रम कार्ड जारी किया जाए, ताकि वे शासन की पात्र योजनाओं का लाभ ले सकें।

विभाग के कह रहा कि गलती की जांच कराया जाएगा

श्रम विभाग के निरीक्षक अमित चिरान ने कहा कि — “मामले की जांच कराई जाएगी। यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि या गलत पंजीयन पाया जाता है तो नियमानुसार सुधार की कार्रवाई की जाएगी और पात्र हितग्राही को योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।”

सवालों के घेरे में विभागीय व्यवस्था

एक ओर सरकार पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर यदि किसी महिला के आधार कार्ड पर किसी अन्य व्यक्ति का श्रम कार्ड दर्ज हो जाए और वास्तविक हितग्राही अपना पंजीयन तक नहीं करा पाए, तो यह विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखने वाली बात होगी कि रामेश्वरी सेन की शिकायत पर श्रम विभाग कब तक कार्रवाई करता है और उन्हें उनका अधिकार कब तक मिल पाता है।

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