कौही। सावन के अंतिम सोमवार पर दुर्ग जिले के कौही गांव में भक्ति और आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। प्राचीन कौहेश्वर स्वयंभू महादेव मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं ने खारुन नदी से मंदिर तक करीब 500 मीटर लंबी मानव शृंखला बनाई। इस मानव शृंखला के जरिए श्रद्धालुओं ने नदी से भरी करीब 2000 बाल्टियां हाथोंहाथ मंदिर तक पहुंचाईं और स्वयंभू शिवलिंग का सामूहिक जलाभिषेक किया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन दोपहर 2 बजे तक चला। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
नदी से मंदिर तक भक्तों की कतार
आयोजन के दौरान खारुन नदी से श्रद्धालु बाल्टियों में जल भरकर मानव शृंखला में शामिल हुए। एक श्रद्धालु से दूसरे श्रद्धालु तक बाल्टी पहुंचाते हुए जल मंदिर तक पहुंचाया गया। इसके बाद इसी जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस आयोजन के दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं के बीच आयोजन को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
करीब 6 फीट ऊंचा है स्वयंभू शिवलिंग
रायपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित कौही का कौहेश्वर मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर में स्थापित स्वयंभू शिवलिंग करीब 6 फीट ऊंचा और लगभग 5 मीटर परिधि वाला बताया जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार कई वर्ष पहले मालगुजार की जमीन पर खुदाई के दौरान यह शिवलिंग मिला था। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि समय के साथ शिवलिंग का आकार बढ़ रहा है।
वर्षों से चली आ रही है मानव शृंखला की परंपरा
कौहेश्वर मंदिर में सावन के दौरान खारुन नदी के जल से सामूहिक अभिषेक की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। हर साल सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालु इसी तरह नदी से मंदिर तक मानव शृंखला बनाकर जल पहुंचाते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने परंपरा में हिस्सा लिया। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामूहिक एकजुटता की भी मिसाल पेश की।