हार्ट अटैक के इलाज में बड़ी राहत: सरकारी अस्पताल में 40 हजार रुपए तक का TNK इंजेक्शन मुफ्त, ACI में कई महंगी दवाएं भी उपलब्ध

हार्ट अटैक के इलाज में बड़ी राहत: सरकारी अस्पताल में 40 हजार रुपए तक का TNK इंजेक्शन मुफ्त, ACI में कई महंगी दवाएं भी उपलब्ध

रायपुर। हार्ट अटैक के मरीजों के इलाज में बड़ी राहत की खबर है। रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) में हार्ट अटैक के इलाज में इस्तेमाल होने वाला टेनेक्टेप्लेस (TNK-tPA) इंजेक्शन अब अस्पताल में उपलब्ध है और मरीजों को इसे बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस इंजेक्शन की बाजार कीमत डोज और ब्रांड के अनुसार करीब 35 से 40 हजार रुपए तक बताई जाती है। मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर डॉक्टर अस्पताल में ही यह इंजेक्शन देंगे। इससे इमरजेंसी की स्थिति में मरीज के परिजनों को महंगी दवा खरीदने के लिए बाहर भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

खून का थक्का घोलने में मदद करता है TNK

हार्ट अटैक के दौरान हृदय की किसी नस में खून का थक्का बनने से रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक मरीज की हालत का आकलन करने के बाद थक्का घोलने वाली दवा देने का निर्णय लेते हैं। TNK-tPA इसी तरह की थ्रोम्बोलाइटिक दवा है, जिसका उपयोग निर्धारित मरीजों में डॉक्टर की निगरानी में किया जाता है। ACI में TNK-tPA की 20 mg, 30 mg और 40 mg की डोज उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 15 लाख IU स्ट्रेप्टोकाइनेज भी अस्पताल में उपलब्ध है।

हार्ट अटैक में समय पर इलाज जरूरी

हार्ट अटैक के मामलों में इलाज शुरू करने में देरी गंभीर हो सकती है। अस्पताल में आवश्यक दवाएं और इंजेक्शन उपलब्ध रहने से डॉक्टर जरूरत के मुताबिक तत्काल उपचार शुरू कर सकते हैं। इस व्यवस्था से मरीजों के परिजनों को इमरजेंसी के दौरान बाहर से महंगी दवाएं खरीदने की परेशानी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिल सकती है।

TNK के अलावा कई महंगी दवाएं भी उपलब्ध

ACI में हृदय रोगियों के लिए TNK के अलावा कई अन्य आधुनिक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें टिकैग्रिलोर 90 mg, एज़ेटिमाइब, मावाकैम्टेन, सरोग्लिटाजार और व्यामाडा शामिल हैं। इसके अलावा इवोलोकुमैब (रिपाथा) इंजेक्शन भी अस्पताल में उपलब्ध है। इन दवाओं का इस्तेमाल मरीज की बीमारी, जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर डॉक्टर की सलाह से किया जाता है।

21-22 हजार रुपए तक की दवा भी अस्पताल में

कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, मावाकैम्टेन जैसी दवा की बाजार कीमत करीब 21 से 22 हजार रुपए तक बताई गई है। वहीं TNK इंजेक्शन की कीमत करीब 35 से 40 हजार रुपए तक हो सकती है। वास्तविक बाजार कीमत कंपनी, ब्रांड और डोज के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सरकारी अस्पताल में ऐसी महंगी दवाओं की उपलब्धता से गंभीर हृदय रोगियों के परिवारों के इलाज का आर्थिक बोझ कम हो सकता है।

एंजियोग्राफी की जरूरी दवाएं भी सप्लाई में

ACI में एंजियोग्राफी के दौरान इस्तेमाल होने वाला कॉन्ट्रास्ट मीडिया भी उपलब्ध है। इसमें ऑम्निपेक और विजिपेक शामिल हैं। इसके अलावा एनोक्सापारिन, हेपरिन, नाइट्रोग्लिसरीन, निकोरैंडिल और लिडोकेन जैसी जरूरी दवाएं भी अस्पताल की सप्लाई में रखी गई हैं।अस्पताल प्रबंधन के अनुसार गंभीर हृदय रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि जरूरत के समय मरीजों को उपचार मिल सके और दवाओं के लिए बाहर निर्भरता कम हो।

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