भिलाई। राष्ट्र सेविका समिति का ग्रीष्मकालीन प्रवेश वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर, सेक्टर-4 में विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है। इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से 102 नामांकित शिक्षार्थी बहनों ने भाग लिया है। वर्ग का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं ध्वजारोपण के साथ हुआ, जहां राष्ट्रसेवा, आत्मविकास और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की भावना को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. विभा सिंह, जो साहित्य एवं खेल के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान रखती हैं और समाज सेवा में वर्षों से सक्रिय रही हैं, ने सेविका बहनों को वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “एक सेविका को सभी विधाओं में दक्ष होकर राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।”
वर्ग की मुख्य वक्ता, राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत बौद्धिक प्रमुख प्राची गर्ग ने “समिति कार्य- ईश्वरीय कार्य” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सेविकाओं को आत्मविकास के साथ-साथ देशहित में अपने योगदान को सुनिश्चित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, “धर्म की रक्षा करना सबसे बड़ी पूजा है, और यही हमारी संस्कृति की आत्मा है।”
कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह घोष प्रमुख प्राची सुभाष पाटिल की विशेष उपस्थिति रही। उनके मार्गदर्शन में उपस्थित सभी शिक्षार्थियों ने आत्मबल, संगठनात्मक कौशल और सांस्कृतिक मूल्यों की शिक्षा के साथ आगामी पंद्रह दिनों में प्रवेश वर्ग को पूर्ण समर्पण के साथ संपन्न करने का संकल्प लिया।
समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह प्रशिक्षण वर्ग शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास के समग्र उद्देश्यों को लेकर संचालित किया जा रहा है, जो मातृशक्ति के जागरण और राष्ट्र निर्माण में उनके सशक्त योगदान की दिशा में एक सशक्त पहल है। जानकारी राष्ट्र सेविका समिति की अश्विनी नागले द्वारा प्रदान की गई।