1495 काम, 53.90 करोड़ का बजट : पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने गांवों के लिए खोला विकास का रास्ता,दुर्ग के गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी से खेत सड़क तक होंगे विकास कार्य

1495 काम, 53.90 करोड़ का बजट : पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने गांवों के लिए खोला विकास का रास्ता,दुर्ग के गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी से खेत सड़क तक होंगे विकास कार्य

दुर्ग। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए 1,495 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन कार्यों पर करीब 53.90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वीकृत कार्यों में स्कूल, आंगनबाड़ी, बालिका शौचालय, जल संरक्षण, मुक्तिधाम शेड, बोरवेल रिचार्ज और खेतों तक सड़क निर्माण जैसे काम शामिल हैं। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने जिले में स्वीकृत कार्यों की प्रगति, क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली।

367 निर्माण कार्यों पर 17.33 करोड़ खर्च

स्वीकृत 1,495 कार्यों में 367 निर्माण कार्य शामिल हैं। इनके लिए 17 करोड़ 33 लाख 62 हजार रुपए की राशि मंजूर की गई है। वहीं रोजगार गारंटी योजना के तहत 1,128 कार्यों के लिए 36 करोड़ 56 लाख 76 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में करीब 375 तरह के काम किए जा सकते हैं। इनमें ग्राम पंचायतों की स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

जल संरक्षण के कामों पर विशेष जोर

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि कार्यों में मजदूरी और सामग्री का 60:40 अनुपात बनाए रखा जाए। साथ ही कम से कम 30 प्रतिशत कार्य जल संरक्षण से संबंधित रखने पर जोर दिया गया। गांवों में सीधे उपयोग आने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड और खराब हो चुके बोरवेल का रिचार्ज जैसे काम प्रमुख हैं।

किसानों के लिए खेत सड़क और धरसा निर्माण

किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा निर्माण को भी स्वीकृत कार्यों में शामिल किया गया है। इससे खेतों तक आवागमन बेहतर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। विजय शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पहले से पर्याप्त संख्या में कार्य मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय जरूरत के अनुसार नए काम भी प्रस्तावित और स्वीकृत किए जा सकते हैं।

निर्माण की गुणवत्ता पर होगी निगरानी

अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ऋचा शर्मा ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए जल्द क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था के तहत निर्माण कार्य के हर चरण की निगरानी की जाएगी। नींव से लेकर फिनिशिंग तक की तस्वीरें जियो-टैग ऐप पर अपलोड करनी होंगी। ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर के अधिकारी मौके पर जाकर कार्यों की जांच करेंगे। आवश्यकता होने पर निर्माण सामग्री का लैब टेस्ट भी कराया जाएगा।

संतोषजनक काम के बाद ही भुगतान

क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम का उद्देश्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। काम की गुणवत्ता संतोषजनक पाए जाने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे सरकारी राशि के बेहतर उपयोग और टिकाऊ निर्माण को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। बैठक में वीबी-जी राम-जी आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों के तकनीकी सवालों का समाधान किया। बैठक में स्वीकृत कार्यों के समय पर क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर उनकी प्रभावी निगरानी पर भी चर्चा हुई।

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