2.31 लाख शिकायतें, 2.05 लाख का निराकरण! CM विष्णुदेव साय ने खुद फोन पर जाना जनता का फीडबैक, हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा में अधिकारियों को दो टूक निर्देश

2.31 लाख शिकायतें, 2.05 लाख का निराकरण! CM विष्णुदेव साय ने खुद फोन पर जाना जनता का फीडबैक, हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा में अधिकारियों को दो टूक निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अब तक 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया गया है। यानी कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत मामलों का निराकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित सीएम हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर व्यवस्था की समीक्षा की और शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर यह जाना कि उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं। 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 के बीच दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि 25 हजार 854 शिकायतों पर कार्रवाई अभी जारी है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित नागरिक को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से सीधे बात कर परखा समाधान

मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों से शिकायतों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से स्वयं बातचीत कर उनकी समस्याओं और समाधान के अनुभवों का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति की समस्या वास्तव में दूर हुई है। नागरिकों की संतुष्टि ही हेल्पलाइन की सफलता का वास्तविक पैमाना है।

एक शिकायत से 80 से अधिक परिवारों को मिली राहत

समीक्षा के दौरान गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से लगभग 80 से 85 परिवारों की बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। मुख्यमंत्री ने इस मामले में अधिकारियों की तत्परता की सराहना करते हुए बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।

आवास की किस्त से लेकर पेंशन तक मिली राहत

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी वीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके आवास की दूसरी किस्त लंबित थी। हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के करीब दस दिनों के भीतर उनके खाते में 55 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो गई, जिससे आवास निर्माण आगे बढ़ाने में मदद मिली। इसी तरह मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने अपनी माताजी की नौ महीने से रुकी पेंशन को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद पेंशन दोबारा शुरू हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया।

शिकायतों की अनदेखी पर तय होगी जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी और लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जहां अधिकारी-कर्मचारी अच्छा काम कर रहे हैं, वहां उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वहीं, जनता की समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने वालों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राशन, पेंशन, बिजली, पेयजल, आवास और राजस्व से जुड़े मामले आम नागरिकों के दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। इसलिए छोटी दिखने वाली शिकायत भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

बार-बार आने वाली शिकायतों के मूल कारण तलाशने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का विभागवार और जिलेवार विश्लेषण किया जाए। किसी विभाग या क्षेत्र से एक ही तरह की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, तो उनके मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए। उन्होंने बस्तर सहित दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से लोगों को 1076 की सुविधा के बारे में जागरूक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं, बल्कि शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण जरिया है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को भरोसा हो कि उसकी बात सुनी जाएगी और उसकी जायज समस्या का समयबद्ध समाधान किया जाएगा। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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