रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में बैगा जनजाति के पांच बच्चों की मौत और करीब 16 कुपोषित बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए कांग्रेस ने सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति प्रभावित गांव नंदनी कुमान का दौरा कर पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों से मुलाकात करेगी तथा पूरे घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाएगी। जांच समिति की जिम्मेदारी मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी को सौंपी गई है। समिति में विधायक सावित्री मंडावी, जनक ध्रुव और हर्षिता स्वामी बघेल सहित पूर्व विधायकों को भी शामिल किया गया है। कांग्रेस की यह टीम गांव पहुंचकर बच्चों की मौत, कुपोषित बच्चों की स्थिति और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करेगी।
पीड़ित परिवारों और स्वास्थ्यकर्मियों से होगी चर्चा
समिति के सदस्य प्रभावित बैगा परिवारों, ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से मुलाकात कर बच्चों की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी लेंगे। साथ ही कुपोषित बच्चों को उपलब्ध कराए गए उपचार, पोषण संबंधी सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को समझने का प्रयास करेंगे। समिति की जांच में सामने आने वाले तथ्यों से मामले की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल
बैगा जनजाति के बच्चों की मौत और कुपोषित बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और समय पर उपचार की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने जांच समिति गठित कर मामले की वास्तविक स्थिति जानने की पहल की है। अब सबकी नजर समिति के गांव दौरे और उसकी जांच रिपोर्ट पर रहेगी। हालांकि, बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि आधिकारिक जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट और संबंधित स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के आधार पर ही हो सकेगी।