
दुर्ग/भिलाई। महान पार्श्व गायक स्वर्गीय मुकेश चंद्र माथुर की 50वीं पुण्यतिथि पर 27 अगस्त की शाम कला मंदिर, सिविक सेंटर भिलाई में “याद-ए-मुकेश” का आयोजन किया गया। सीजी श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ, एसआरजी बीएसपी एवं लाइफ केयर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगीत संध्या में मुकेश के सदाबहार गीतों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने कहा कि गीत-संगीत जीवन के तनाव और थकान को दूर करने का सशक्त माध्यम है। स्वर्गीय मुकेश की मखमली और दर्दभरी आवाज हिंदी फिल्म संगीत की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि मुकेश की आवाज दर्द भरे गीतों की पहचान थी और उनके गीत आज भी करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित हैं।
सांसद बघेल ने लगातार 24 वर्षों से “याद-ए-मुकेश” के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय फिल्म संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में स्वर्गीय मुकेश के परिवार की सदस्य चित्रा माथुर, डीआईजी प्रशांत ठाकुर, सीआईएसएफ कमांडेंट दीपक सावलाख़िया, रमेश श्रीवास्तव, विपिन बंसल, भाजपा नेता कन्हैया सोनी एवं गरुमीत धनाई बंटी जलाराम सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रदीप शर्मा ने राज कपूर की यादें कीं जीवंत
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ फिल्म कलाकार प्रदीप शर्मा का लाइव अभिनय रहा। कार्यक्रम संयोजक कैलाश जैन बरमेचा ने बताया कि प्रदीप शर्मा ने फिल्म मेरा नाम जोकर के प्रसिद्ध गीत “जाने कहाँ गए वो दिन” पर जोकर का लाइव अभिनय कर महान अभिनेता राज कपूर की यादों को मंच पर जीवंत कर दिया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
सदाबहार नगमों पर देर रात तक झूमे श्रोता
मुकेश के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों ने संगीत प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा। “सुहानी चाँदनी रातें”, “कभी-कभी मेरे दिल में”, “ओ मेरे सनम”, “इक प्यार का नगमा है”, “चंदन सा बदन”, “मेरा प्यार भी तू है” और “महंगाई मार गई” सहित अनेक सदाबहार गीतों ने माहौल को सुरमयी बना दिया। स्वरांजलि देने वाले कलाकारों में उमेश विश्वकर्मा, संदीप राजपूत, रफीक, संजीव सुधाकरण, रियाज अहमद, प्रसाद मथैयू, कमाल अख्तर, एंथोनी फ्रांसिस, अनिल राउतकर, जाहिद अली, तरुण पिठानिया, सीमा पटेल, ज्योति कश्यप, नीतू गोस्वामी, बीना संजीव, विभा दुबे एवं पीयूषा मनहरे शामिल रहे। संगीत संयोजन यश यादव एवं उनकी टीम ने किया, जबकि साउंड सिस्टम की व्यवस्था स्वर संगम मीलू द्वारा की गई।
अगले वर्ष सिल्वर जुबली समारोह
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक बी.डी. निजामी ने अतिथियों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष “याद-ए-मुकेश” के 25 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य सिल्वर जुबली समारोह आयोजित किया जाएगा। “याद-ए-मुकेश” की यह सुरमयी शाम एक बार फिर यह संदेश दे गई कि मुकेश भले ही सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी अमर आवाज और सदाबहार गीत संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।