भिलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मि क्षत्रिय समाज एवं जिला दुर्ग इकाई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित शपथग्रहण समारोह एवं जनप्रतिनिधि सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर भिलाई में संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर की गई।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग सांसद एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मि क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष श्री विजय बघेल उपस्थित रहे। उनके साथ विधायक ललित चंद्राकर, दुर्ग महापौर अल्का बघमार, कुम्हारी नगर पालिका अध्यक्ष मीना वर्मा, अखिल भारतीय महिला अध्यक्ष लता ऋषि चंद्राकर,प्रदेश अध्यक्ष सुनील चंद्राकर, गोडस कश्यप, चंद्रहास चंद्राकर,कीर्ति नायक,प्रदीप चन्द्राकर सहित प्रदेश व जिलेभर से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में दुर्ग जिले के नवनिर्वाचित सामाजिक पदाधिकारियों ने शपथ ली तथा समाज के जनप्रतिनिधियों का पुष्पगुच्छ एवं सम्मान पत्र देकर अभिनंदन किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को रंगारंग बना दिया।
अपने उद्बोधन में लता ऋषि चंद्राकर ने समाज में एकता व समरसता की बात करते हुए कहा, “हम पद में रहें या न रहें, समाज का सम्मान सर्वोपरि है। रोटी-बेटी का संबंध हमारी एकता का प्रतीक है।”
गोडस कश्यप ने अपने वक्तव्य में आत्मगौरव और स्थानीयता पर बल देते हुए कहा कि “हमें स्व और स्वदेश की भावना को जन-जन तक पहुंचाना होगा।” सुरेश चंद्रवंशी ने समाज की संगठित शक्ति को ही उसकी पहचान बताया।
वहीं, देवीचरण वर्मा ने समाज के लिए अस्पताल व शिक्षा संस्थान जैसे ठोस निर्माण की मांग करते हुए राज्य सरकार से नया रायपुर में भूमि की मांग की। उन्होंने कहा, “हमारा समाज सक्षम है, पर हमें अधिक संगठित होकर कार्य करना होगा।”
महिला प्रतिनिधि श्रीमती नीलम चंद्राकर ने परिवार सहित सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “कार्य करने वालों की कमियाँ न निकालें, बल्कि सहयोग करें।”
समारोह के अंतिम चरण में सर्व कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष विजय बघेल ने समाज की भावनाओं को आवाज़ दी और कहा, “खूबचंद बघेल के नाम को हटाए जाने पर समाज को गहरा आघात पहुँचा है, हमने इस मुद्दे को दिल्ली तक पहुंचाया। समाज के मान-सम्मान की रक्षा हमारा दायित्व है।”
इस आयोजन में समाज के सैकड़ों पदाधिकारीगण, महिला एवं युवा प्रतिनिधियों की उत्साहजनक भागीदारी रही। कार्यक्रम ने समाज के बीच एकता, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा की भावना को और प्रगाढ़ किया।