YC न्यूज़ डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन के भीतर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में अब 33% महिला पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा। यह फॉर्मूला संसदीय बोर्ड से लेकर राष्ट्रीय सचिव स्तर तक लागू होगा, वहीं राज्यों में भी इसी व्यवस्था को अपनाने की तैयारी है। इस निर्णय के क्रियान्वयन की प्रक्रिया संगठन महासचिव की निगरानी में शुरू कर दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, खासकर ऐसे समय में जब संसद में नारी वंदन विधेयक पारित नहीं हो सका।
वर्तमान में भाजपा के संसदीय बोर्ड में केवल एक महिला सदस्य है, जबकि महासचिव स्तर पर कोई महिला प्रतिनिधित्व नहीं है। उपाध्यक्ष और सचिव पदों पर भी महिलाओं की संख्या सीमित है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महिलाओं की भागीदारी अभी 10% से भी कम है। नए फॉर्मूले के तहत 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में 4 महिलाएं शामिल होंगी। इसके अलावा 7 महासचिव पदों में से 2, 12 उपाध्यक्ष पदों में से 4 और 11 राष्ट्रीय सचिव पदों में से 3 महिलाओं को दिए जाएंगे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से अधिक महिलाओं को स्थान दिया जाएगा, जबकि वर्तमान में कुल 396 सदस्य हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2007 में भाजपा अध्यक्ष रहते हुए राजनाथ सिंह ने संगठन में 33% महिला भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। हालांकि उस समय इस बात पर चर्चा हुई थी कि यह आरक्षण पदों के आधार पर लागू किया जाए या कुल पदाधिकारियों की संख्या में। इधर, संसद में हाल ही में संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया है। इस राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में पार्टी का यह निर्णय संगठनात्मक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।