
दुर्ग-भिलाई। भिलाई में चल रही शिवमहापुराण कथा के दौरान पुलिस ने 7 संदिग्ध महिलाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस लगातार सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसी दौरान महिलाओं के एक समूह की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की और बाद में थाने ले गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान महिलाओं ने अपने वहां मौजूद होने को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं दी। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी सात महिलाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस ने उनकी पहचान से संबंधित जरूरी प्रक्रिया भी पूरी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ किसी आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और न ही उनके पास से कोई संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है।
पांच महिलाएं रीवा और दो गोरखपुर की रहने वाली
पुलिस के अनुसार कार्रवाई की गई सात महिलाओं में पांच मध्य प्रदेश के रीवा जिले और दो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की रहने वाली हैं। रीवा जिले की रहने वाली महिलाओं की पहचान रीना (35), अनीता देवी (22), सोनाली उर्फ शीला (45), जाह्नवी देवी (22) और गीता देवी (37) के रूप में बताई गई है। वहीं गोरखपुर जिले की संगीता (25) और नैना (20) को भी पुलिस ने पूछताछ के बाद प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत रखा। पुलिस ने बताया कि सभी महिलाओं से आवश्यक पूछताछ और पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई है।
एक दिन पहले श्रद्धालुओं से चेन स्नेचिंग की शिकायत
शिवमहापुराण कथा और कलश यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसी भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से चेन चोरी किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कथा शुरू होने से पहले और आयोजन के दौरान चेन स्नेचिंग की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। कथा पंडाल, प्रवेश और निकासी मार्ग समेत आसपास के इलाकों में पुलिस की टीमें निगरानी कर रही हैं। पुलिस अब चेन स्नेचिंग की शिकायतों की भी जांच कर रही है और घटनाओं में शामिल संदिग्धों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कथा स्थल पर भारी भीड़ को देखते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। सात महिलाओं को थाने लाने और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का उद्देश्य सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना था। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सातों महिलाओं को किसी अपराध में गिरफ्तार नहीं किया गया है। फिलहाल उनके खिलाफ की गई कार्रवाई प्रतिबंधात्मक प्रकृति की है।