रायपुर। राज्योत्सव से ठीक पहले राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां देर रात अज्ञात व्यक्तियों ने महतारी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह होते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया। इस दौरान क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। पुलिस ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
◆यह छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला है” — क्रांति सेना
प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता भावनात्मक हो उठे। एक युवक ने महतारी की प्रतिमा के सामने रोते हुए कहा ये सिर्फ मूर्ति नहीं है, हमारी पहचान है। हमारी संस्कृति, हमारी अस्मिता पर हमला हुआ है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने राज्य सरकार पर “सांस्कृतिक अस्मिता की अनदेखी” का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी जल्द नहीं हुई, तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा।
◆ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सख्त रुख
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह “छत्तीसगढ़ की आस्था और सम्मान पर चोट” है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। राज्य की पहचान और संस्कृति का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
◆ भूपेश बघेल का बीजेपी पर पलटवार
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा —कहीं यह वही मानसिकता तो नहीं जिसने शासन के कार्यक्रमों से छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीरें हटाईं? भाजपा समझ ले — यह जनता की आस्था और अभिमान का विषय है।