89 साल की रामलीला में तीसरी पीढ़ी की एंट्री: दादा के बाद पिता बने राम, अब बेटा निभा रहा किरदार; 28 साल तक लक्ष्मण बने पिता की विरासत भी बेटे के हाथ

89 साल की रामलीला में तीसरी पीढ़ी की एंट्री: दादा के बाद पिता बने राम, अब बेटा निभा रहा किरदार; 28 साल तक लक्ष्मण बने पिता की विरासत भी बेटे के हाथ

रायपुर के दलदल सिवनी गांव में पीढ़ियों से निभाई जा रही रामलीला की परंपरा, 5 साल के बच्चों से लेकर 71 साल के बुजुर्ग तक मंच पर दिखा रहे हुनर; 35 साल से रावण बन रहे मुकुंद राम

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के दलदल सिवनी गांव में रामलीला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही पारिवारिक विरासत है। करीब 89 साल से यहां रामलीला का मंचन हो रहा है। खास बात यह है कि अब इस परंपरा को तीसरी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। जिन परिवारों में कभी दादा और पिता राम, लक्ष्मण समेत दूसरे पात्रों की भूमिका निभाते थे, अब उन्हीं परिवारों के बेटे मंच पर उतरकर अपनी विरासत संभाल रहे हैं। गांव की इस रामलीला में 5 साल के बच्चों से लेकर 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग तक अलग-अलग किरदार निभाते हैं। कोई राम बनकर मर्यादा का संदेश देता है, तो कोई लक्ष्मण, रावण और अन्य पात्रों के जरिए रामायण के प्रसंगों को जीवंत करता है। बुजुर्ग कलाकार नई पीढ़ी को संवाद बोलने, वेशभूषा पहनने, मेकअप करने और मंच पर अभिनय करने की बारीकियां सिखा रहे हैं।

पिता के बाद बेटा बना राम, पढ़ाई के साथ निभा रहा जिम्मेदारी

दलदल सिवनी की रामलीला में राम का किरदार निभाने की परंपरा अब लीलाधर साहू के बेटे दीपक साहू आगे बढ़ा रहे हैं। लीलाधर के मुताबिक, उनके परिवार में पहले उनके चाचा राम की भूमिका निभाते थे। इसके बाद उन्होंने यह किरदार संभाला और अब उनका बेटा दीपक राम बनकर मंच पर उतर रहा है। लीलाधर साहू बेटे को राम के संवाद, मेकअप और वेशभूषा से जुड़ी बारीकियां सिखाते हैं। उनका मानना है कि राम का किरदार निभाने के लिए केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि योग्यता, शारीरिक फिटनेस और धार्मिक भावना भी जरूरी है। दीपक साहू पिछले 10-12 साल से रामलीला मंडली से जुड़े हैं और पिछले तीन साल से राम की भूमिका निभा रहे हैं। वे फिलहाल NET की तैयारी कर रहे हैं। दीपक बताते हैं कि राम के किरदार के लिए चयन की प्रक्रिया लंबी होती है और इसके लिए जरूरी योग्यताओं पर ध्यान दिया जाता है। पढ़ाई के साथ रामलीला में भूमिका निभाना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

28 साल तक पिता बने लक्ष्मण, अब बेटा निभा रहा किरदार

रामलीला में लक्ष्मण की भूमिका निभाने की पारिवारिक परंपरा भी आगे बढ़ रही है। विजय पटेल लगातार 28 साल तक लक्ष्मण का किरदार निभा चुके हैं। अब उनके बेटे हर्ष पटेल पिछले तीन साल से यह भूमिका निभा रहे हैं। हर्ष 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद ITI कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ रामलीला में हिस्सा लेकर वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। विजय पटेल का कहना है कि उन्होंने 28 साल तक लक्ष्मण का किरदार निभाया है। अब बेटे को उसी भूमिका में देखकर उन्हें खुशी होती है। वे चाहते हैं कि गांव के युवा रामलीला से जुड़ें और करीब नौ दशक से चली आ रही यह परंपरा कभी बंद न हो। आयोजन में पूरा गांव उत्साह के साथ भागीदारी करता है।

71 साल के मुकुंद राम 35 साल से बन रहे रावण

दलदल सिवनी की रामलीला में अनुभव और समर्पण की मिसाल 71 वर्षीय मुकुंद राम हैं। वे पिछले 35 साल से रावण का किरदार निभा रहे हैं। इससे पहले वे सीता, राजा दशरथ, परशुराम और बाली जैसे पात्रों की भूमिकाएं भी निभा चुके हैं। vमुकुंद राम बताते हैं कि रामलीला में अब नई पीढ़ी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। इसके बावजूद रावण के रूप में उनके अभिनय को दर्शकों का स

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